भारतीय रसोई में बिना तेल के खाना तैयार करना एक असंभव जैसा काम है। खाने को पकाने से लेकर खाने के स्वाद में बदलाव के लिए भी तेल अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अलावा तेल का सीधा संबंध हार्ट हेल्थ से भी जुड़ा होता है। जब बात हमारे दिल को स्वस्थ रखने की बात आती है, तो तेल का चयन काफी समझदारी से होना चाहिए। आजकल लोग तेल के गुणों के बारे में काफी बात करते हैं। क्योंकि हम जो भी तेल खाते हैं, ये हमारे शरीर पर अच्छा और बुरा दोनों तरह का असर डाल सकता है। आइए जानते हैं सरसों, नारियल और ऑलिव ऑयल यानी जैतून तेल में से कौन सा तेल दिल की सेहत के लिए फायदेमंद है।
जरूरी है दिल की सेहत का ख्याल
दिल हमारे शरीर का एक बड़ा ही महत्वपूर्ण अंग है। यही कारण है कि जब तक दिल धड़कता रहता है तब हमारी सांसे भी चलती रहती हैं। इसलिए जरूरी है कि आप खानपान में ऐसी चीजों का ध्यान जरूर रखें जो आपके दिल की सेहत पर असर डालती हैं। आज हम आपको भारतीय घरों में आमतौर पर खाने के लिए प्रयोग किए जाने वाले तेलों के बारे में बताएंगे जो आपके दिल की सेहत का भरपूर ख्याल रख सके।
क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट?
फरीदाबाद के अमृता हॉस्पिटल में Senior Consultant, Cardiology के तौर पर कार्यरत Dr. Ashish Kumar कहते हैं कि, सरसों, नारियल और ऑलिव ऑयल — तीनों तेलों के अपने-अपने फायदे हैं, लेकिन इनका चयन आपकी सेहत, खानपान की आदत और कोलेस्ट्रॉल प्रोफाइल पर निर्भर करता है।
1. सरसों का तेल (विशेषकर कच्ची घानी या कोल्ड-प्रेस्ड) मोनो सैचुरेटेड फैटी एसिड और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होता है। ये सभी तत्व दिल के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। इसमें नैचुरल एंटी बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। हालांकि सरसों के तेल में इरुसिक एसिड की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें।
2. नारियल तेल में मीडियम-चेन ट्राइग्लिसराइड्स (MCTs) पाए जाते हैं, जो जल्दी मेटाबोलाइज्ड हो जाते हैं ये आपके वजन को कंट्रोल रखने में मदद कर सकते हैं। लेकिन नारियल तेल में सैचुरेटेड फैट्स की मात्रा होती है, जो एलडीएल लेवल (खराब कोलेस्ट्रॉल) को बढ़ा सकते हैं। इसलिए हार्ट की समस्या या हाई कोलेस्ट्रॉल वाले मरीजों को नारियल तेल का सेवन सीमित रखना चाहिए।
3. ऑलिव ऑयल खासकर एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल, दिल के लिए सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स और हेल्दी मोनोसैचुरेटेड फैट्स होते हैं, जो खराब कोलेस्ट्रॉल को घटाने में मदद करते हैं ये शरीर की सूजन को कम करते हैं। इसका इस्तेमाल आप मेडिटेरेनियन स्टाइल कुकिंग के लिए करना बेहतर है। हालांकि डीप फ्राई करने के लिए ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसका स्मोक पॉइंट कम होता है।
निष्कर्ष: यदि आप हार्ट हेल्थ को प्राथमिकता दे रहे हैं, सरसों, नारियल और ऑलिव ऑयल में से ऑलिव ऑयल सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है। सरसों तेल को सीमित मात्रा में भारतीय व्यंजन बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। जबकि नारियल तेल का सेवन उन लोगों को सीमित मात्रा में करना चाहिए। जिन्हें पहले से दिल की समस्या है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे चिकित्सकीय सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
