बारिश के बाद बढ़ सकता है मलेरिया और डेंगू का खतरा, डॉक्टर से जानिए कैसे करें अपना बचाव

  • Written by: प्रणव मिश्र
  • Updated May 15, 2023, 05:20 PM IST

Risk of Malaria and Dengue in Monsoon: गर्मी जाने की खुशी और बहुत जरूरी राहत के साथ, मानसून का मतलब मच्छरों का बढ़ता खतरा भी है - जो स्थिर पानी में पनपते हैं। इससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी वेक्टर जनित बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है। आइये इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के रेस्पिरेटरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के सीनियर कंसल्टेंट, डॉ. निखिल मोदी से जानते हैं मलेरिया और डेंगू से बचाव के तरीके-

Dengue Malaria, Dengue Malaria Prevention

Dengue Malaria in Monsoon: मानसून में मलेरिया ज्यादा क्यों होता है?

Risk of Malaria and Dengue in Monsoon: मलेरिया और डेंगू दो सबसे आम वेक्टर-जनित बीमारियां हैं जो हर साल भारत सहित दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करती हैं। दोनों बीमारियां मच्छरों द्वारा फैलती हैं, और बारिश के बाद रुके हुए पानी में मच्छरों के प्रजनन के कारण उनका खतरा बढ़ सकता है।

इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के रेस्पिरेटरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के सीनियर कंसल्टेंट, डॉ. निखिल मोदी ने टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से बातचीत में बताया कि डेंगू एक वायरल संक्रमण है जो बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द और त्वचा पर दाने जैसे फ्लू जैसे लक्षण पैदा करता है। गंभीर मामलों में, डेंगू से रक्तस्राव, आघात और मृत्यु भी हो सकती है। दूसरी ओर, मलेरिया एक परजीवी संक्रमण है जो बुखार, ठंड लगना और फ्लू जैसे लक्षणों का कारण बनता है, और अगर तुरंत इलाज न किया जाए तो यह घातक हो सकता है।

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