Leg Pain Causes: पैर में दर्द होने पर अक्सर हम इसे थकान की वजह से होने वाला दर्द समझने की भूलकर बैठते हैं। ध्यान रहे कि अगर दर्द कमर या इसके निचले हिस्से से शुरू होकर पैर तक पहुंच रहा है, साथ में झनझनाहट या सुन्नपन भी है, तो इसकी वजह रीढ़ से जुड़ी नस हो सकती है। ऐसी ही एक समस्या को सियाटिका (Sciatica Symptoms) कहा जाता है जिसे भूलकर भी नजरअंदाज न करें।
पैरों में दर्द, सुन्नपन और झनझनाहट
पैर में दर्द का असली कारण हमेशा पैर नहीं होता
दिनभर खड़े रहने, ज्यादा चलने, व्यायाम करने या गलत तरीके से बैठने पर पैरों में दर्द होना आम बात है। ऐसे दर्द में आराम करने के बाद अक्सर राहत भी मिल जाती है। लेकिन हर तरह का पैर दर्द सामान्य थकान की वजह से नहीं होता। कई बार दर्द की शुरुआत कमर के निचले हिस्से और धीरे-धीरे जांघ, पिंडली या पैर के पंजे तक पहुंच जाती है। इसके साथ जलन, झनझनाहट या सुन्नपन महसूस हो सकता है। ऐसी स्थिति में समस्या पैर की मांसपेशियों से ज्यादा नसों से जुड़ी हो सकती है।
क्या है सियाटिका?
सियाटिका किसी एक बीमारी का नाम नहीं, बल्कि सियाटिक नस से जुड़े दर्द और दूसरे लक्षणों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है। सियाटिक नस शरीर की सबसे बड़ी नसों में से एक है। यह निचली रीढ़ से निकलती है और नितंबों से होते हुए पैरों की तरफ जाती है। जब इस नस पर दबाव पड़ता है या इसके आसपास जलन और सूजन होती है, तो दर्द नस के रास्ते में महसूस हो सकता है। यही वजह है कि परेशानी कमर में शुरू होकर पैर तक पहुंच सकती है।
सियाटिका के दर्द को कैसे पहचानें?
सियाटिका का दर्द सामान्य मांसपेशियों के दर्द से थोड़ा अलग महसूस हो सकता है। हर व्यक्ति में इसके लक्षण एक जैसे नहीं होते, लेकिन कुछ संकेत काफी आम हैं।नइसमें कमर या नितंब से पैर की तरफ तेज दर्द जा सकता है। कुछ लोगों को यह दर्द जलन जैसा लगता है, जबकि कुछ लोग इसे बिजली का झटका लगने जैसा बताते हैं। इसके अलावा पैर में झनझनाहट, सुन्नपन या कमजोरी भी महसूस हो सकती है। लंबे समय तक बैठने के बाद दर्द बढ़ना भी इसका एक संकेत हो सकता है। खांसने, छींकने या शरीर की कुछ खास गतिविधियों के दौरान भी दर्द ज्यादा महसूस हो सकता है।
किन वजहों से हो सकती है सियाटिका?
सियाटिका के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें सबसे आम वजहों में से एक निचली रीढ़ की डिस्क का बाहर की तरफ उभरना या हर्नियेट होना है। हमारी रीढ़ की हड्डियों के बीच छोटी-छोटी डिस्क होती हैं, जो झटकों को संभालने में मदद करती हैं। जब इनमें से कोई डिस्क अपनी जगह से बाहर की तरफ उभरती है और आसपास की नस पर दबाव डालती है, तो सियाटिका जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। उम्र बढ़ने के साथ रीढ़ में होने वाले बदलाव भी इसकी वजह बन सकते हैं। इसके अलावा रीढ़ की नहर का संकरा होना, हड्डियों का असामान्य रूप से बढ़ना और रीढ़ से जुड़ी कुछ अन्य समस्याएं भी नस पर दबाव डाल सकती हैं।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: मीठा खाने के बाद फिर मीठा खाने का मन क्यों करता है? डॉक्टर से जानिए इसके पीछे छिपी बड़ी वजहें
क्या सियाटिका में ऑपरेशन जरूरी होता है?
सियाटिका का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि ऑपरेशन की जरूरत पड़ेगी। कई लोगों में समय के साथ और उचित इलाज से लक्षणों में सुधार हो सकता है। इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि दर्द की वजह क्या है और लक्षण कितने गंभीर हैं। डॉक्टर मरीज की स्थिति देखकर आगे की जांच और उपचार की सलाह दे सकते हैं। कुछ मामलों में दवाओं, आराम, फिजियोथेरेपी और रोजमर्रा की गतिविधियों में बदलाव से भी राहत मिल सकती है। अगर दर्द लंबे समय तक बना रहता है या गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर आगे की जांच की सलाह दे सकते हैं।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: घर से काम करने पर वजन क्यों बढ़ने लगता है, ये छिपी वजहें भी वर्क फ्रॉम होम के दौरान बना देती हैं आपका मोटा
पैर के दर्द को कब गंभीरता से लेना चाहिए?
अगर पैर में दर्द लगातार बना हुआ है, बार-बार लौट रहा है या रोजमर्रा के काम प्रभावित कर रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर तब जब दर्द के साथ पैर में कमजोरी, सुन्नपन या लगातार झनझनाहट भी हो। अगर दर्द इतना बढ़ जाए कि चलने, बैठने, काम करने या सोने में परेशानी होने लगे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। अचानक गंभीर कमजोरी या पेशाब-पाखाने पर नियंत्रण से जुड़ी परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए।
