Leg Pain Before Period Causes In Hindi: पीरियड्स से कुछ दिन पहले ज्यादातर महिलाओं को पेट और कमर दर्द की समस्या होती है, जो पीरियड्स के दौरान काफी बढ़ जाती है। लेकिन कुछ महिलाओं के साथ अक्सर हम देखते हैं कि उन्हें पीरियड्स से पहले पैरों में भी दर्द और ऐंठन का सामना करना पड़ता है। वे इस बात को लेकर काफी परेशान रहती हैं कि आखिर उनके साथ ऐसा क्यों होता है। इसकी वजह से उन्हें चलने-फिरने, बैठने-उठने और दिन भर के सामान्य काम करने में भी असहजता महसूस होती है। बहुत सी महिलाएं हेल्थ एक्सपर्ट्स से यह सवाल भी पूछती हैं कि आखिर पीरियड्स से पहले उन्हें पैरों में दर्द की समस्या क्यों होती है? इस विषय पर बेहतर जानकारी के लिए हमने डॉ. प्रियंका सहरावत (MBBS - LHMC) से बात की। इस लेख में हम आपको पीरियड्स से पहले पैरों में दर्द और ऐंठन होने के 4 कारण बता रहे हैं।
Leg Pain Before Period Causes
पीरियड आने से पहले पैरों में दर्द क्यों होता है - Leg Pain Before Period Causes In Hindi
1. शरीर में खराब ब्लड फ्लो
पीरियड्स की शुरुआत से पहले महिलाओं के शरीर में हार्मोन संतुलित नहीं रहते हैं। हार्मोन्स में उतार-चढ़ाव की वजह से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होती है, जिसकी वजह पैरों में दर्द देखने को मिल सकता है।
2. प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम के कारण
प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम पैरों में दर्द होने का एक बड़ा कारण है। यह स्थिति पीरियड्स से कुछ दिन पहले से महिलाओं में देखने को मिलती है। इस स्थिति में शरीर में वॉटर रिटेंशन होता है, जब तरल पैरों में अधिक जमा होने लगता है, तो इससे पारों में सूजन और भारीपन देखने को मिल सकता है, जिससे पैरों में दर्द की समस्या होती है।
3. भावनात्मक परिवर्तन
पीरियड्स से महिलाओं में एंग्जायटी और तनाव के कारण भी प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम के लक्षण गंभीर हो सकते हैं। इसके कारण पैर, पेट व कमर में दर्त और ऐंठन अधिक देखने को मिल सकती है।
4. हार्मोन में परिवर्तन
पीरियड्स से पहले महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के स्तर में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं। इनके असंतुलन से पीरियड्स से पहले ही पीरियड्स के लक्षण महसूस होने लगते हैं। वॉटर रिटेंशन की वजह से पैरों में दर्द बढ़ सकता है।
अगर कोई महिला पीरियड से पहले पैरों में दर्द और ऐंठन की समस्या का सामना करती है, तो ऐसे में उन्हें अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। क्योंकि आमतौर पर ऐसा होना महिलाओं के लिए स्वस्थ नहीं माना जाता है। यह शरीर में कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
