health benefits of cashew nuts: जब भी हम हेल्दी नट्स के बारे में बात करते हैं तो हमें सिर्फ बादाम, अखरोट, या ब्राजील नट्स ही याद आते हैं, लोग अक्सर सोचते हैं कि काजू खाने के लिए एक हेल्दी ऑप्शन नहीं है। लोगों का मानना है कि काजू सिर्फ स्वाद के लिए ही खाए जाते हैं और साथ ही इसमें वसा होने के कारण वजन बढ़ाने के भी काम आते हैं।
काजू खाने से हो सकते हैं ये फायदे
हालांकि आपको बता दें कि काजू एक अनहेल्दी नट्स नहीं हैं, बल्कि इसके भी अपने ही फायदे हैं। जैसा कि लोग अक्सर सोचते हैं कि काजू सिर्फ स्वाद के लिए ही खाए जाते हैं, उसके बजाए अपने पॉलीफेनोल, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट के कारण सभी नट्स में से सबसे हेल्दी नट्स हैं।
फैट के बावजूद काजू हेल्दी कैसे हुए?
काजू में वसा होता है जो अक्सर हृदय रोग और उच्च कोलेस्ट्रॉल के जोखिम को भी बढ़ाता है। हालांकि, काजू में अधिकांश वसा स्टीयरिक एसिड से आते हैं जो खून के कोलेस्ट्रॉल पर कोई प्रभाव नहीं डालता है। इसलिए, कई रिपोर्ट्स के अनुसार, एक दिन में थोड़े काजू खाने से कम डेंसिटी वाले लिपोप्रोटीन (एलडीएल) में कमी हो सकती है।
महिलाओं के लिए अधिक फायदेमंद है काजू
काजू खासकर महिलाओं के लिए अधिक फायदेमंद है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि काजू में मौजूद एस्ट्रोजन महिलाओं के लिए स्वस्थ हार्मोन के स्तर को बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसके अलावा काजू एनाकार्डिक एसिड से भी भरे होते हैं। जिसे खाने से शरीर पर नेचुरल एंटी-एस्ट्रोजन प्रभाव होता है।
हालांकि ध्यान रहे कि अस्वाभाविक रूप से उच्च एस्ट्रोजन के स्तर से महिलाओं को गर्भाशय फाइब्रॉएड, पीएमएस, दर्दनाक पीरियड्स और स्तन कैंसर जैसी बिमारियों का भी सामना करना पड़ा सकता है। शरीर में एस्ट्रोजन की तरह काम करने वाले सिंथेटिक केमिकल के संपर्क में आने से अतिरिक्त एस्ट्रोजन को ट्रिगर किया जा सकता है।
एक दिन में कितने काजू खाने चाहिए?
बता दें कि एक मुट्ठी और लगभग 20 ग्राम काजू खाने से शरीर में उचित एनाकार्डिक एसिड प्राप्त किया जा सकता है। बता दें कि एक चौथाई कप काजू प्रोटीन, वसा और एंटीऑक्सीडेंट प्राप्त करने के लिए पर्याप्त होगा।
डिस्क्लेमर: आर्टिकल में दिए गए सुझाव केवल सामान्य सूचना उद्देश्यों के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने या अपने आहार में कोई भी बदलाव करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से सलाह लें।
