वेट लॉस करना एक बहुत बड़ा चैलेंज होता है। क्योंकि इसके लिए आपको खानपान से लेकर लाइफस्टाइल तक बहुत कुछ चेंज करना होता है। यदि आप किसी तेजी से वेट लॉस करने वाले उपाय की तलाश कर रहे हैं, तो आपको बता दें कि इसके फायदे और नुकसान दोनों ही आपको मिलेंगे। आज हम आपको वेट लॉस के एक ऐसे ही प्रभावी उपाय कीटो डाइट के बारे में आपको बताने जा रहे हैं। कई हेल्थ शोधों में यह बात साबित हुई है कि कीटो डाइट हमारी सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद नहीं है। आज हम आपको विस्तार से कीटो डाइट के साइड इफेक्ट्स के बारे में बताएंगे।
कीटो डाइट के साइड इफेक्ट्स - Side Effects of Keto Diet in Hindi
पाचन से जुड़ी समस्याएं
हाल ही में आई सेल रिपोर्ट्स मेडिसिन की एक रिपोर्ट में छपे एक शोध के अनुसार, कीटो डाइट को फॉलो करने से आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल और अपोलीपोप्रोटीन बी का स्तर बढ़ जाता है। यही कारण है कि कीटो डाइट एथेरो स्क्लेरोटिक हार्ट डिजीज के जोखिम को बढ़ा सकती है। इसके अलावा यह आपकी आंतों में मौजूद हेल्दी बैक्टीरिया को भी कम करने का काम करती है। जो गट हेल्थ के लिए काफी खतरनाक साबित होता है।हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल
कीटो डाइट करने से आपके शरीर में फाइबर की कमी होने लगती है, जिससे आपके शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल यानी LDL का स्तर बढ़ने लगता है। इसके साथ ही फाइबर आपकी आतों के कामकाज को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। जो धीरे-धीरे कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम को जन्म दे सकता है।कौन कर सकता है कीटो डाइट?
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो वह कीटो डाइटिंग करने की सलाह सामान्य किसी को नहीं देते हैं। इसकी अपेक्षा आपको लो कैलोरी और नो शुगर वाली डाइट को फॉलो करना चाहिए। कीटो डाइट केवल उन लोगों के लिए सुरक्षित है, जो लिवर, किडनी, हार्ट या गॉल ब्लैडर से संबंधित किसी तरह की समस्या से न जूझ रहे हों।डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
