कहीं बीमारियों की वजह ना बन जाए ब्रेकफास्ट, डॉक्टर एसके सरीन से जानें कैसा होना चाहिए नाश्ता

डॉ. एस. के. सरीन ने चेताया कि सुबह-सुबह भारी कार्बोहाइड्रेट जैसे पराठे, पूरी, आलू की सब्जी या कॉर्नफ्लेक्स खाने से बचने में ही भलाई है।

सुबह का नाश्ता कैसा होना चाहिए, क्या खाना चाहिए या फिर क्या नहीं खाना चाहिए... ऐसे सवाल हम में लगभग हर किसी के मन में जरूर आते होंगे। 45 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले जाने-माने गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजिस्ट डॉ. एस. के. सरीन ने ऐसे ही सवालों का जवाब दिया है। 'Times Network India Health Summit & Awards 2026' में डॉ. सरीन ने साफ शब्दों में कहा कि हर हाल में रात के आखिरी भोजन (डिनर) और सुबह के नाश्ते (ब्रेकफास्ट) में कम से कम 12 घंटों का अंतर जरूर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे पूरे दिन काम करने के बाद शरीर को आराम की जरूरत होती है, ठीक उसी तरह आंतों, पेट और उनमें मौजूद बैक्टीरिया को भी पाचन प्रक्रिया से उबरने के लिए आराम की दरकार होती है।

Dr Sk Sarin

कहीं बीमारियों की वजह ना बन जाए ब्रेकफास्ट, डॉक्टर एसके सरीन से जानें कैसा होना चाहिए नाश्ता

कैसा होना चाहिए नाश्ता?

डॉ. सरीन ने बताया कि हमें यह सलाह दी जाती है कि नाश्ता राजा की तरह करना चाहिए। यह बात सही है, लेकिन इसे सही संदर्भ में समझना भी जरूरी है। राजाओं को स्वयं मैदान-ए-जंग में नहीं उतरना पड़ता, जबकि एक आम कामकाजी व्यक्ति किसी योद्धा की तरह पूरे दिन शारीरिक व मानसिक रूप से सक्रिय रहता है। तो उसे अपने दिन की शुरुआत भी वैसे ही करनी चाहिए।

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