International Yoga Day: आज के समय में कई महिलाएं और युवतियां अनियमित पीरियड्स (Irregular Periods) की समस्या से परेशान हैं। इसके पीछे एक बड़ी वजह पीसीओएस या पीएमओएस (PMOS) हो सकता है। इस स्थिति में पीरियड्स समय पर नहीं आते, वजन बढ़ने लगता है और शरीर में कई तरह के बदलाव महसूस हो सकते हैं। हालांकि इसका सही इलाज डॉक्टर की सलाह से ही किया जाना चाहिए, लेकिन योग और अच्छी जीवनशैली इसके लक्षणों को कम करने में मदद कर सकती है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर आज जानिए ऐसे 5 आसान योगासन, जिन्हें नियमित रूप से करने पर शरीर और मन दोनों को फायदा मिल सकता है।
योग से पाएं पीसीओएस से राहत
तितली आसन
तितली आसन महिलाओं के लिए सबसे आसान योगासनों में से एक माना जाता है। इसे करने से कमर और पेट के निचले हिस्से में खिंचाव आता है, जिससे शरीर हल्का और आरामदायक महसूस कर सकता है। यह आसन रोजाना कुछ मिनट करने से अच्छा महसूस कराने में मदद करता है।
भुजंगासन
भुजंगासन में शरीर का ऊपरी हिस्सा ऊपर की ओर उठाया जाता है। इससे पीठ और पेट की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं। लंबे समय तक बैठकर काम करने वाली महिलाओं के लिए यह आसन काफी फायदेमंद माना जाता है। साथ ही यह शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में भी मदद कर सकता है।
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बालासन
तनाव का असर महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। बालासन एक ऐसा योगासन है जो शरीर और दिमाग दोनों को आराम देता है। जब मन शांत रहता है तो शरीर भी बेहतर तरीके से काम करता है। इसलिए PCOS से जूझ रही महिलाओं के लिए यह आसन उपयोगी माना जाता है।
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सेतु बंधासन
सेतु बंधासन शरीर के निचले हिस्से को सक्रिय करने वाला योगासन है। इसे करने से शरीर में रक्त का प्रवाह बेहतर होने में मदद मिलती है। नियमित अभ्यास से शरीर में चुस्ती और स्फूर्ति बनी रह सकती है।
शवासन से मिलता है पूरा आराम
किसी भी योग सत्र के अंत में शवासन जरूर करना चाहिए। यह शरीर को पूरी तरह रिलैक्स करने का काम करता है। दिनभर की थकान और मानसिक तनाव को कम करने में भी यह आसन मददगार माना जाता है।
योग के साथ अच्छी आदतें भी हैं जरूरी
सिर्फ योग करने से ही पूरी समस्या दूर नहीं होती। इसके साथ संतुलित खानपान, पर्याप्त नींद और रोजाना थोड़ी शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है। अगर पीरियड्स लंबे समय तक अनियमित रहें या कोई दूसरी परेशानी महसूस हो, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर आप बेहतर स्वास्थ्य की ओर कदम बढ़ा सकती हैं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
