आजकल हुक्के की गुड़गुड़ और वेप की फू-फू सिर्फ युवाओं तक सीमित नहीं रह गई है। क्लब, कैफे और पार्टियों में इनका चलन तेजी से बढ़ रहा है और टीनएजर्स से लेकर बड़ी उम्र के लोग इन्हें आजमा रहे हैं। कई लोगों को लगता है कि हुक्के का धुआं पानी से गुजरने की वजह से कम नुकसान पहुंचाता है, जबकि कुछ लोग वेप को सिगरेट का सुरक्षित विकल्प मानते हैं। हालांकि असल में ऐसा नहीं है।
डॉक्टरों का कहना है कि हुक्का और वेप दोनों में ऐसे हानिकारक केमिकल्स और निकोटीन हो सकते हैं जो शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं और धीरे-धीरे लत भी लगा सकते हैं। शुरुआत में यह सिर्फ शौक लगता है, लेकिन समय के साथ यह आदत बन सकती है। International Day Against Drug Abuse के मौके पर यह समझना जरूरी है कि हुक्का और वेप को हल्के में लेना कैसे आपकी सेहत के लिए भारी पड़ सकता है।
क्यों हुक्का और वेप सुरक्षित नहीं हैं?
1. निकोटीन की लत लग सकती है
हुक्का और कई तरह के वेप में निकोटीन होता है। यह दिमाग पर असर डालता है और बार-बार इस्तेमाल की इच्छा पैदा करता है। धीरे-धीरे व्यक्ति इसकी आदत का शिकार हो सकता है। और क्योंकि यह इन्हेल करने पर काफी लाइट महसूस होता है, तो कई लोग इसे अधिक मात्रा में इस्तेमाल करने से कतराते नहीं है।
2. फेफड़ों को पहुंच सकता है नुकसान
हुक्के का धुआं और वेप से निकलने वाला एरोसोल फेफड़ों में जाकर जलन और सूजन पैदा कर सकता है। लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर सांस से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
3. दिल की सेहत पर असर
निकोटीन दिल की धड़कन और रक्तचाप बढ़ा सकता है। ऐसे में हुक्का तो वेप का लगातार सेवन करने से हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
4. सिर्फ फ्लेवर होने से सुरक्षित नहीं बन जाता
कई लोगों को लगता है कि, फ्लेवर वाला हुक्का या वेप बिल्कुल हानिकारक नहीं है। लेकिन फ्लेवरिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले कुछ रसायन भी शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।
अगर आपने अभी तक हुक्का या वेप शुरू नहीं किया है, तो इससे दूरी बनाए रखना सबसे अच्छा फैसला है। अगर इसकी आदत लग चुकी है, तो डॉक्टर या नशा मुक्ति विशेषज्ञ की मदद लेकर धीरे-धीरे इसे छोड़ने की कोशिश करें।
