फैटी लिवर का नाम सुनते ही अक्सर लोगों का ध्यान तली-भुनी चीजों, मिठाइयों और बढ़ते वजन पर जाता है। लेकिन हम दिनभर में क्या पी रहे हैं, इस पर भी ध्यान देना जरूरी है। कई बार चाय-कॉफी में चीनी, मीठे ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस और दूसरे मीठी ड्रिंक्स हमारी रोज की मात्रा में एक्स्ट्रा चीनी जोड़ देते हैं। ऐसे में केवल भोजन को बदलना ही काफी नहीं, बल्कि गिलास में क्या जा रहा है, यह देखना भी उपयोगी हो सकता है।
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गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने एक वीडियो में फैटी लिवर के स्वास्थ्य के लिए 7 तरह के ड्रिंक्स के बारे में बताया है। इनमें कुछ ऐसे विकल्प हैं जिन्हें लोग आसानी से अपनी डेली रूटीन में शामिल कर सकते हैं। हालांकि किसी एक पेय को फैटी लिवर का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। संतुलित भोजन, शारीरिक गतिविधि और डॉक्टर की सलाह भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।
1. ब्लैक कॉफी
बिना चीनी और बिना क्रीम वाली ब्लैक कॉफी इस सूची में सबसे पहले है। डॉ. सौरभ सेठी के अनुसार, नियमित रूप से ब्लैक कॉफी पीने की आदत बेहतर लिवर स्वास्थ्य से जुड़ी देखी गई है। हालांकि कॉफी की मात्रा हर व्यक्ति की सहनशीलता और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है।
2. ग्रीन टी
ग्रीन टी भी एक विकल्प हो सकती है। हालांकि इसे ज्यादा देर तक उबालने के बजाय करीब 2 से 3 मिनट तक तैयार करना सही माना गया है। ज्यादा देर तक पकाने से स्वाद बहुत कड़वा हो सकता है। इसे बिना अतिरिक्त मिठास के पीना बेहतर विकल्प है।
3. बिना चीनी वाला स्पार्कलिंग वॉटर
अगर आपको सोडा जैसा कुछ पीने का मन करता है, तो बिना चीनी वाला स्पार्कलिंग वॉटर एक विकल्प हो सकता है। इसमें अतिरिक्त चीनी न होने के कारण यह मीठे शीतल पेय की जगह लिया जा सकता है।
4. बिना चीनी वाला सोया मिल्क
बिना चीनी वाला सोया मिल्क पौधों से मिलने वाले प्रोटीन का स्रोत है। बाजार से लेते समय लेबल जरूर देखें, क्योंकि कई उत्पादों में स्वाद बढ़ाने के लिए अतिरिक्त चीनी डाली जा सकती है।
5. बिना चीनी वाला बादाम मिल्क
बादाम मिल्क भी एक विकल्प है, खासकर तब जब इसमें अतिरिक्त चीनी न हो। यह मीठे पेय की तुलना में कम चीनी और कम कैलोरी वाला विकल्प हो सकता है। लेकिन इसके पोषण की मात्रा अलग-अलग उत्पादों में बदल सकती है।
6. हर्बल टी
पुदीना, अदरक या केसर जैसी हर्बल चाय बिना अतिरिक्त चीनी के पी जा सकती हैं। इनसे रोज के पेय में स्वाद की थोड़ी विविधता भी आती है।
7. पानी को न भूलें
इन सभी विकल्पों के बीच सबसे आसान पेय पानी है। इसमें चीनी और कैलोरी नहीं होती और यह शरीर में पानी की कमी पूरी करने में मदद करता है। इसलिए फैटी लिवर की चिंता में भी रोज पर्याप्त पानी पीने की आदत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
डॉ. सौरभ सेठी के बताए ये विकल्प रोज की आदतों को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं, लेकिन फैटी लिवर की देखभाल केवल पेय पदार्थों तक सीमित नहीं है। वजन, भोजन, शारीरिक गतिविधि, शराब का सेवन और किसी अन्य बीमारी की मौजूदगी जैसे कई पहलुओं पर ध्यान देना पड़ सकता है।
(डिस्क्लेमर: यह लेख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हेल्थ यूट्यूबर डॉ. सौरभ सेठी के वीडियो में बताए गए टिप्स के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी संबंधित क्रिएटर के व्यक्तिगत विचार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत इन टिप्स या दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।)
