गर्भावस्था के दौरान 50 से 60 फीसदी महिलाओं को कमर में दर्द की समस्या का सामना करना पड़ता है। हालांकि प्रेगनेंसी में पीठ दर्द के पीछे कई कारण हो सकते हैं। जिसमें अधिक वजन उठाना या गर्भावस्था से पहले कमर दर्द से पीड़ित होना शामिल है। इन महिलाओं में प्रेगनेंसी के दौरान पीठ दर्द की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। गर्भावस्था में आमतौर पर महिलाओं को कमर दर्द की शिकायत रहती है। हालांकि आपको बता दें कि यह काफी सामान्य समस्या है। हर महिला को प्रेगनेंसी के दौरान हल्का या ज्यादा कमर दर्द से पीड़ित होना पड़ता है। यदि यह समस्या बढ़ जाए तो काफी परेशानी कर सकती है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे घरेलू उपाय जो आपको इस समस्या से निजात दिला सकते हैं।
मालिश
कमर की मांसपेशियों को आराम देने के लिए जरूरी है कि आप इसकी मांसपेशियों की मालिश करें। ठंडा या गर्म हल्की सिकाई से आपको मांसपेशियों के तनाव से काफी आराम मिलता है। आप प्रेगनेंसी के दौरान कमर दर्द से राहत पाने के लिए मालिश का सहारा ले सकती हैं। यह आपकी रीढ़ को रिलैक्स करने का साथ-साथ आपकी मांसपेशियों की जकड़न को दूर करता है।
एक्सरसाइज है जरूरी
प्रेगनेंसी के दौरान रोजाना एक्सरसाइज करने से आपको पीठ दर्द की समस्या से काफी राहत मिल सकती है। इसके लिए आप ब्रिस्क वॉक, स्विमिंग या हल्के-फुल्के व्यायाम कर सकती हैं। हालांकि ध्यान रखें कि आपको शुरुआत में हल्की एक्सरसाइज ही करनी हैं। पहले 10 मिनट से एक्सरसाइज को शुरू करते हुए धीरे-धीरे समय को बढ़ाते रहें। इसमें आप योग, पिलाटेस, रिलैक्सेशन जैसी चीजों को शामिल कर सकते हैं। योग और पिलाटेस से आपकी मांसपेशियां मजबूत होती हैं, और आपको कमर दर्द में काफी आराम मिलता है।
एक्यूपंक्चर
प्रेगनेंसी के दौरान कमर के दर्द की समस्या से राहत पाने में एक्यूपंक्चर भी बहुत फायदेमंद साबित होता है। इसका इस्तेमाल भारत ही नहीं दुनिया भर में किया जाता है। एक्यूपंक्चर के साथ-साथ एक्यूप्रेशर भी कमर दर्द से राहत देने में उपयोगी होता है। हालांकि इन दोनों को कराने के लिए आप किसी एक्सपर्ट का सहारा ही लें। यदि आप प्रेग्नेंसी में एक्यूपंक्चर अथवा एक्यूप्रेशर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आपको किसी हेल्थ एक्सपर्ट की राय जरूर ले लेनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
