सर्दियों का मौसम आते ही बाजार में ताजी, सफेद और रसीली मूली दिखने लगती है। कोई इसे सलाद में पसंद करता है, तो किसी को मूली के पराठे बहुत भाते हैं। लेकिन सच यही है कि कई लोग मूली से दूरी बना लेते हैं, क्योंकि इसे खाते ही पेट फूलने, गैस बनने या भारीपन की शिकायत होने लगती है। अच्छी बात यह है कि मूली खराब नहीं होती, बल्कि उसे खाने का तरीका गलत होता है। अगर सही ढंग से मूली खाई जाए, तो यह पाचन के लिए भी मददगार बन सकती है।
ऐसे खाएंगे मूली तो कभी नहीं बनेगी गैस (PC - Istock)
सही किस्म का चयन करें
मूली की कई किस्में होती हैं, और उनमें से कुछ अधिक तीखी होती हैं। यदि आप गैस और पेट फूलने से बचना चाहते हैं, तो सफेद मूली का चयन करें। यह हल्की होती है और पाचन में आसानी करती है।
तैयारी का तरीका
मूली को कैसे तैयार किया जाता है, यह भी महत्वपूर्ण है। इसे हल्का भाप में पकाना या भूनना इससे गैस बनने वाले कार्बोहाइड्रेट को तोड़ने में मदद करता है। इससे मूली का स्वाद भी मीठा हो जाता है।
अदरक और नींबू का उपयोग करें
मूली के साथ अदरक या नींबू मिलाने से न केवल इसका स्वाद बढ़ता है, बल्कि यह पाचन में भी मदद करता है। अदरक की एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण गैस की समस्या को कम कर सकती है।
मिक्सर में डालकर खाएं
अगर आप मूली का कच्चा स्वाद पसंद नहीं करते, तो इसे मिक्सर में डालकर स्मूथी बना सकते हैं। इसे हरी सब्जियों और फलों के साथ मिलाकर एक पौष्टिक पेय बना सकते हैं, जिससे इसका तीखापन कम हो जाएगा।
छोटे भागों में सेवन करें
कभी-कभी, अधिक मात्रा में खाने से भी गैस की समस्या हो सकती है। इसलिए, छोटे भागों में मूली का सेवन करें और अपने शरीर की प्रतिक्रिया पर ध्यान दें। धीरे-धीरे मात्रा बढ़ाएं ताकि आप इसका आनंद ले सकें।
अचार या किण्वित करें
मूली को अचार या किण्वित करने से इसका स्वाद बदल जाता है और यह पाचन में मददगार बनती है। आप इसे सेब के सिरके, नमक और चीनी के साथ जल्दी से अचार बना सकते हैं।
इन सरल तरीकों से आप सर्दियों में मूली का आनंद ले सकते हैं बिना गैस और पेट फूलने की चिंता किए। मूली आपके आहार में एक स्वस्थ विकल्प है, तो इसे अपनी प्लेट में शामिल करना न भूलें।
