निमोनिया के बुखार से तड़प रहा है बच्‍चा, इन घरेलू नुस्खे की मदद से करें बचाव

  • Authored by: Ritu raj
  • Updated Apr 15, 2023, 01:37 PM IST

निमोनिया में सबसे पहले खांसी-जुकाम, नेजल इंफेक्‍शन, एक्‍यूट रेस्पिरेट्री इंफेक्‍शन और फिर अपर रेस्पिरेट्री इंफेक्‍शन होता है। इसके बाद यह बढ़कर जब फेफड़ों तक पहुंचता है, तब निमोनिया की समस्या पैदा होती है।

Home remedies for pneumonia: बदलते मौसम के साथ अक्सर बच्चे बीमार पड़ जाते हैं। सर्दी-जुकाम, बुखार व निमोनिया की शिकायत भी हो जाती है। निमोनिया में सबसे पहले खांसी-जुकाम, नेजल इंफेक्‍शन, एक्‍यूट रेस्पिरेट्री इंफेक्‍शन और फिर अपर रेस्पिरेट्री इंफेक्‍शन होता है। इसके बाद यह बढ़कर जब फेफड़ों तक पहुंचता है, तब निमोनिया की समस्या पैदा होती है। सही समय पर अगर इसका इलाज ना किया जाए तो बच्चे की मौत भी हो सकती है। बिना डॉक्टर की सलाह के निमोनिया का इलाज संभव नहीं है। हालांकि कुछ घरेलू नुस्खे हैं जिनकी मदद से इंफेक्शन को फैलने से रोका जा सकता है। ऐसे में अगर आपका बच्चा निमोनिया से जुझ रहा है तो इन घरेलू नुस्खे की मदद से आप वायरस को फैलने से रोक सकते हैं।

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बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए घरेलू नुस्खे (Source:istock)

बच्चों को निमोनिया होने पर क्या लक्षण दिखाई देते हैं?

निमोनिया होने पर बच्चों में फ्लू के जैसे ही लक्षण दिखाई देते हैं। जैसे

खांसी आना

बलगम होना,

बुखार होना (कंपकंपी आना)

सांस लेने में परेशानी होना,

खांसते समय सीने व गले में दर्द होना।

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