Diabetes Symptoms in Body: शरीर जब भी बीमार होता है तो वह उसके संकेत बाहरी रूपों से हमें देता है। ये बाहरी रूप किसी भी तरह के हो सकते हैं, इन्हें पहचाना जरूरी होता है। एक संकेत यदि बार-बार आपको दिखाई दे तो आपको समझना चाहिए कि ये शरीर की अंदरुनी दिक्कत को बता रहा है। कई गंभीर बीमारियों के संकेत ही उसकी पहली पहचान होते हैं। ब्लड शुगर बढ़ने पर भी शरीर कई संकेत देता है। ये संकेत एक नहीं पांच तरह के होते हैं। समय रहते जब आप किसी भी गंभीर बीमारी का इलाज शुरू कर देते हैं। उससे जुड़ी कई अन्य बीमारियों के खतरे से भी बच जाते हैं।
शरीर जब कुछ संकेत आपको बार-बार मिलने लगें तो आपको समझ लेना चाहिए कि आपका ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल से बाहर जा रहा है। इनमें पहला है
मसूड़ों से खून आना नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज, यूएसए कि एक रिपोर्ट में यह कहा गया है कि यदि ब्रश करते समय यदि बार-बार मसूड़े से खून आ रहा हो तो आपको इस संकेत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मसूड़ों में ग्लूकोज की मात्रा ज्यादा तेजी से बढ़ती है और वे सेंसेटिव हो जाते हैं।
बार-बार हो रहा है वेजाइनल इंफेक्शन
यदि किसी महिला को बार-बार यीस्ट इंफेक्शन की शिकायत हो रही हो तो उसे अपने ब्लड शुगर की जांच जरूर करा लेनी चाहिए। शरीर में जब ग्लूकोज का स्तर बढ़ता है तो यूरिन पास होना भी बढ़ता है। इससे वेजाइना के आसपास शुगर की मात्रा बढ़ती है जो यीस्ट इंफेक्शन को बढ़ावा देता है। साथ ही यदि आपके वेजाइना में खुजली, रैशेज या व्हाइट डिसचार्ज की मात्रा बढ़ रही है तो भी आपको अपने ब्लड शुगर की जांच करा लेनी चाहिए।
स्किन का काला पड़ना
ब्लड शुगर की मात्रा यदि शरीर में बढ़ती है तो स्किन में बदलाव होता है। स्किन में रोमछिद्र बड़े होने लगते हैं या स्किन का कलर थोड़ा डार्क या काला होने लगता है। ये काले धब्बे शरीर में कहीं पर भी हो सकते हैं। इसके अलावा ब्लड शुगर लेवल शरीर में जब भी बढ़ता है तो उसका असर घाव,चोट या कटने-फटने वाली स्किन पर देखने को मिलता है। ब्लड शुगर हाई होने पर ये घाव या चोट जल्दी ठीक नहीं होने पाते। छोटी सी चोट भी ठीक होने में एक हफ्ते से 15 दिन तक लग जाते हैं। कई बार ये बार-बार पक भी जाते हैं।
वजन का घटते जाना
डायबिटीज होने पर वेट बढ़ना भी होता है और कई बार वेट तेजी से कम भी होने लगाता है। आपके अच्छे पोषणयुक्त खाने के बाद भी वेट कम होने लगता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर में ब्लड शुगर लेवल अधिक हो जाता है और यह प्रक्रिया रिवर्स होने लगती है यानी शरीर ग्लूकोज को ऊर्जा में परिवर्तित नहीं कर पाता इससे शरीर को ऊर्जा के लिए शरीर में जमी वसा से काम चलाना पड़ता है।
हाई ब्लड शुगर में कोशिकाओं की क्षति तेज हो जाती है। साथ ही इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ता है। ऐसे में यदि इनमें से कोई भी परेशानी आपको लंबे समय तक नजर आए तो आप अपने शुगर की जांच भी जरूर कराएं।
