Health problems in winter: गिरते तापमान और बढ़ती ठंड के साथ सेहत से संबंधित परेशानियां अक्सर बढ़ जाती हैं। संक्रमण, सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में सभी के लिए सेहत का विशेष ध्यान रखना जरूरी हो जाता है। ये मौसम कुछ लोगों के लिए कुछ ज्यादा परेशानी वाला साबित हो सकता है। खासकर बुजुर्ग, बच्चे, महिलाएं और कुछ विशेष प्रकार की बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए सर्दियां ज्यादा परेशानी का सबब हो सकती हैं। आइए जानें सर्दियों में किसे रखनी चाहिए, क्या विशेष सावधानी-
श्वास संबंधी बीमारियों के मरीजों को होती है परेशानी
मरीज रखें खास ख्याल
विशेषज्ञों के अनुसार ठंड में हृदय रोग, अस्थमा, गठिया, मधुमेह, श्वास संबंधी बीमारियों के मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। शीतलहर तेज होने पर दिल के दौरे, हार्ट फेल्योर, स्ट्रोक के मामले बढ़ जाते हैं। सर्दियों में शरीर की सिफिटिक नर्वस सिस्टम की सक्रियता बढ़ जाती है। इससे रक्त वाहिनियां सिकुड़ जाती हैं और रक्तचाप बढ़ने लगता है। अत्यधिक ठंड के कारण होने वाले हाइपोथर्मिया के कारण भी रक्त वाहिनियों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे बचाव के लिए ठंड में शरीर की सक्रियता बनाए रखना जरूरी है। डॉक्टर की सलाह पर योग और एक्सरसाइज जरूर करें।
बुजुर्गों और बच्चों की देखभाल
ठंड के मौसम में बुजुर्गों और बच्चों की विशेष देखभाल की जरूरत होती है। इस मौसम में कम तापमान के कारण मौसमी बीमारियों और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। बच्चे व बुजुर्ग इनकी चपेट में आसानी से आ जाते हैं। इसके साथ ही हड्डियों और जोड़ों के दर्द भी की परेशानी बढ़ जाती है। ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों को ठंड की चपेट में आने से बचाना जरूरी है। इन्हें घर से बाहर निकलते समय गर्म कपड़ों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। कान और पैर को ढकना जरूरी है।
महिलाएं रखें अपना भी ख्याल
घर में सब की सेहत का ख्याल रखने वाली महिलाएं कई बार अपनी सेहत के प्रति लापरवाह हो जाती हैं। अधिकतर घरों में घरेलू कामकाज महिलाओं के जिम्मे रहता है। ऐसे में बार-बार ठंडे पानी के संपर्क में आने से महिलाओं को ठंड लगने का खतरा बढ़ जाता है। इस मौसम में महिलाओं को अपनी सेहत का खास ख्याल रखना चाहिए। जरूरत पड़ने पर मौजों और दस्तानों का उपयोग करना चाहिए। घर के सदस्यों के साथ-साथ अपने खान-पान का भी ख्याल रखना चाहिए।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
