सेहत का खजाना है हिमालय की देन काला मसाला, स्वाद और सुगंध के साथ-साथ हेल्थ के लिए भी फायदेमंद

हमारी रसोई में मौजूद मसाले हमारी सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद होते हैं। यही कारण है कि रसोई को मिनी औषधालय कहा जाता है। आज हम आपको रसोई में मौजूद एक ऐसे ही मसाले के बारे में बताएंगे जिसकी उत्पत्ति हिमालय पर मानी जाती है। आइए जानते हैं कौन सा है ये मसाला और क्या हैं इसके फायदे?

हमारी रसोई में ऐसे मसाले छिपे होते हैं, जिनको अक्सर पर हम कमतर आंकते हैं। इन्हीं में से एक है काली इलायची। यह अपने स्वाद और खुशबू से व्यंजनों को एक अलग ही पहचान देती है। साथ ही यह सेहत के लिए भी फायदेमंद है। काली इलायची को नेपाली इलायची भी कहते हैं। यह मसाला नेपाल और भारत के हिमालयी क्षेत्रों में पाया जाता है और इसका उपयोग आमतौर पर नमकीन व्यंजनों में किया जाता है। यह जिंजिबरेसी फैमिली से संबंधित है। इसकी फलियां बड़ी, खुरदरी और गहरे भूरे या काले रंग की होती हैं, जिनके अंदर छोटे, चिपचिपे काले बीज होते हैं। आइए जानते हैं इसके हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में...

काली इलायची के फायदे

आईएएनएस की खबर के मुताबिक, चरक संहिता में काली इलायची का उपयोग विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार के लिए किया गया है, जिसमें दर्द, दुर्गंध, त्वचा रोग, मतली और पाचन संबंधी समस्याएं शामिल हैं। इसे 'अंगमर्द प्रशमन महाकषाय' के अंतर्गत भी सूचीबद्ध किया गया है, जो शरीर के दर्द से राहत दिलाने में उपयोगी है।

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