मोटे लोगों को इस वजह से लग जाती है ज्यादा खाने की लत, जानें क्यों चाहकर भी ओवरईटिंग से बच नहीं पाते

  • Edited by: दीपक पोखरिया
  • Updated Jun 15, 2023, 11:38 AM IST

Obesity: शोधकर्ताओं ने पाया कि भोजन के बाद के संवेदन में असामान्यताएं वयस्क मोटापे में वैश्विक और पोषक तत्व-विशिष्ट दोनों दोषों से संबंधित हैं। उन्होंने दावा किया कि ये कमियां मोटापे के खिलाफ दवाओं के निर्माण के लिए भविष्य के लक्ष्य के रूप में काम कर सकती हैं।

Obesity: मोटापा (Obesity) आपके मस्तिष्क और आंत के बीच एक संवादहीनता पैदा कर सकता है, जिससे अधिक खाने का एक दुष्चक्र हो सकता है। नेचर मेटाबोलिज्म जर्नल (Journal Nature Metabolism) में सोमवार को प्रकाशित एक रिसर्च में अमेरिकी और डच वैज्ञानिकों के एक समूह ने ये सुझाव दिया है। इस अध्ययन में 50 से 70 आयु वर्ग के 58 एम्स्टर्डम-आधारित स्वयंसेवकों को शामिल किया गया था। साथ ही अध्ययन में बताया गया कि मस्तिष्क (Brain) और पेट (Stomach) के बीच भेजे गए संकेतों की जांच जो भूख और परिपूर्णता की भावनाओं के लिए जिम्मेदार हैं और विशिष्ट पोषक तत्वों की उपस्थिति से लाए जाते हैं। खाने के व्यवहार को निर्धारित करने में केवल स्वाद और गंध जैसे संवेदी अनुभव ही महत्वपूर्ण हैं, बल्कि भोजन के सेवन के बाद जारी होने वाले चयापचय संकेत भी हैं।

अध्ययन के अनुसार मोटे लोगों में संकेत मौन होते हैं। परिणाम का अर्थ है कि आंत-मस्तिष्क अक्ष में ये पोषण संबंधी संकेत हानि मोटापे और अतिरक्षण को बढ़ा सकती है। इसके अलावा ये शरीर पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकता है और वजन घटाने की स्थिति में भी अपरिवर्तनीय हो सकता है। एम्स्टर्डम यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर, येल यूनिवर्सिटी और अल्बर्ट आइंस्टीन कॉलेज ऑफ मेडिसिन से संबद्ध शोधकर्ताओं के अनुसार पोषण संबंधी संकेतों के लिए बिगड़ा हुआ न्यूरोनल प्रतिक्रियाएं अधिक खाने और मोटापे में योगदान कर सकती हैं और महत्वपूर्ण वजन घटाने के बाद पोषक तत्वों के बाद के संकेतों के लिए चल रहे प्रतिरोध सफल वजन घटाने के बाद वजन की उच्च दर की व्याख्या करने में मदद कर सकते हैं।

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