World Hepatitis Day: हर तीसरा भारतीय फैटी लिवर से जूझ रहा है और यह समस्या अब बच्चों और युवाओं तक भी पहुंच चुकी है। AIIMS के लिवर विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर अब भी लोग जागरूक नहीं हुए, तो यह लिवर फेल्योर और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का रूप ले सकता है।
World Hepatitis Day (फोटो: Istock)
फैटी लिवर और हेपेटाइटिस: अनहेल्दी लाइफस्टाइल की देन
विश्व हेपेटाइटिस दिवस के मौके पर AIIMS, दिल्ली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम "फैटी लिवर: बचाव और प्रबंधन" में विशेषज्ञों ने बताया कि अनियमित दिनचर्या, तली-भुनी चीज़ें, बढ़ता तनाव और शारीरिक निष्क्रियता आज की लिवर समस्याओं की जड़ बन चुके हैं। फैटी लिवर अब एक गंभीर खतरे का संकेत है।
फैटी लिवर से लिवर कैंसर तक का सफर
AIIMS के लिवर विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद ने कहा, “फैटी लिवर केवल एक सामान्य स्थिति नहीं रह गई है। यह अब लिवर कैंसर का प्रमुख कारण बन चुका है।” उन्होंने यह भी बताया कि यह समस्या सिर्फ वयस्कों में नहीं बल्कि बच्चों और युवाओं में भी तेजी से फैल रही है। इसका एकमात्र समाधान है – डेली एक्सरसाइज, हेल्दी डाइट और तनाव मुक्त जीवन।
AIIMS विशेषज्ञों का लिवर हेल्थ मंत्र
डॉ. दीपक का कहना है कि लिवर को स्वस्थ रखने के लिए तीन चीजें सबसे अहम हैं,
- संतुलित और पौष्टिक आहार
- नियमित व्यायाम
- भरपूर नींद
वहीं, डॉ. सग्निक विश्वास ने बताया कि डायबिटीज से पीड़ित लोगों में लिवर की समस्याओं का खतरा ज्यादा होता है। ऐसे लोगों को नियमित रूप से लिवर फंक्शन टेस्ट कराना चाहिए।
हेपेटाइटिस दिवस 2025 की थीम: "Hepatitis: Let’s Break it Down"
WHO द्वारा तय की गई इस साल की थीम "Hepatitis: Let’s Break it Down" का मकसद है हेपेटाइटिस से जुड़ी सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी बाधाओं को तोड़ते हुए इस बीमारी को 2030 तक जड़ से खत्म करना।
भारत में स्थिति चिंताजनक
- हर तीसरा भारतीय फैटी लिवर से प्रभावित है
- बच्चों और किशोरों में भी यह समस्या फैल रही है
- हेपेटाइटिस A अब तीव्र लिवर फेल्योर (ALF) का सबसे बड़ा कारण बन गया है
- शराब की लत से सिरोसिस और लिवर फेल्योर के केस तेजी से बढ़े हैं
हेपेटाइटिस B को लेकर जागरूकता अभी भी कम
डॉक्टरों ने बताया कि देश में लाखों लोग हेपेटाइटिस B से संक्रमित हैं, लेकिन बहुतों को इसकी जानकारी तक नहीं है। कारण – कम जागरूकता, वैक्सीनेशन में लापरवाही और समय पर जांच न कराना।
लिवर को बचाने के लिए जरूरी कदम
- समय-समय पर लिवर फंक्शन टेस्ट और अल्ट्रासाउंड करवाएं
- बच्चों को हेल्दी डाइट और एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाने की आदत डालें
- शराब, धूम्रपान और तली-भुनी चीज़ों से दूरी बनाएं
- हेपेटाइटिस B के टीकाकरण को प्राथमिकता और अनिवार्यता दें
निष्कर्ष
लिवर शरीर का एक बेहद अहम अंग है। यदि हमने अभी से अपने खानपान, जीवनशैली और हेल्थ चेकअप्स पर ध्यान नहीं दिया, तो यह अनदेखी भविष्य में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। हेपेटाइटिस और फैटी लिवर से बचाव का एकमात्र रास्ता है – सही जानकारी, समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली।
