Dry Eyes in Child: कोरोना के बढ़ते मामलों ने लोगों का जीवन काफी ज्यादा अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसका असर न सिर्फ हमारे शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है, बल्कि यह मानसिक रूप से भी हमें काफी ज्यादा परेशान कर रहा है। कोरोना की वजह से लोगों की हेल्दी लाइफस्टाइल भी खराब हो चुकी है। दरअसल, हम में से कई लोग ऐसे हैं, जो कोरोना की वजह से घर से बाहर जानें से डरते हैं। ऐसे में बच्चों को भी घर से बाहर नहीं जाने देते हैं।
बच्चों में ड्राई आई की परेशानी कैसे करें दूर?
बच्चों को घर से बाहर खेलने के लिए न जानें देने की वजह से वह घर में ही लैपटॉप, मोबाइल और टीवी देखने लगते हैं। इसका असर उनके स्वास्थ्य पर काफी ज्यादा पड़ता है। कुछ बच्चों को लंबे समय तक टीवी, मोबाइल देखने की वजह से ड्राई आई की परेशानी हो सकती है। हालांकि, इसके अलावा कई अन्य कारण भी हैं, जिसमें धूल-मिट्टी, प्रदूषण इत्यादि शामिल है। अगर आपके बच्चों को ड्राई आई की परेशानी हो रही है तो इस स्थिति में उनका समय पर इलाज कराएं। साथ ही आपको कुछ घरेलू उपायों को भी अपनाने की जरूरत है। आइए जानते हैं बच्चों में ड्राई आई की परेशानी होने पर क्या करें?
बच्चों को आंखों से कैसे रखें सुरक्षित?
आंखों को रखें सुरक्षित
बच्चों को ड्राई आई की परेशानी होने पर उनकी आंखों को सुरक्षित रखना बहुत ही जरूरी है। इसके लिए जब भी आपका बच्चा धूप में जाए, तो उन्हें चश्मा जरूर पहनाएं। इसके साथ ही सर्दियों से बचने के लिए उन्हें ढककर रखें। धूल-मिट्टी और प्रूदषण से बचाव के लिए उन्हें टोपी पहनाकर रखें।
पंखा चलाने से करें परहेज
कुछ बच्चों को अधिक हवा आने की वजह से भी ड्राई आई की परेशानी हो सकती है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए सोते समय बच्चों की आंखों के आसपास पंखा न लगाएं। दरअसल, पंखे की हवा काफी ज्यादा होती है, जिसकी वजह से उन्हें ड्राई आई की परेशानी हो सकती है।
कॉन्टैक्ट लेंस का कम करें इस्तेमाल
सामान्य रूप से कुछ बच्चों को कॉन्टैक्ट लेंस पहनना अच्छा लगता है, लेकिन आप कोशिश करें कि जरूरत पड़ने पर ही उन्हें कॉन्टैक्ट लेंस पहनाएं। घर में किसी काम के लिए चश्मे का ही इस्तेमाल कराएं। इससे उनकी आंखों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
