Gut Brain Connection: ‘दूसरा दिमाग’ क्यों कहलाती हैं आंत? Doctor Pal ने समझाया गट और मेंटल हेल्थ का कनेक्शन

आंत को हमारा दूसरा दिमाग ऐसे ही नहीं कहा जाता है। Gut और Brain के बीच लगातार कनेक्शन रहता है, जिसका असर पाचन, मूड और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। डॉक्टर पाल ने बताया पेट और दिमाग का कनेक्शन...

Gut Brain Connection: हम अक्सर सेहत की चर्चा करते समय दिमाग और दिल को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं, लेकिन शरीर का एक और हिस्सा ऐसा है जिसका असर हमारी सेहत के साथ-साथ मूड और मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। यह है हमारी आंत यानी Gut। इसे कई बार ‘दूसरा दिमाग’ (Second Brain) भी कहा जाता है। इसकी वजह सिर्फ यह नहीं कि आंत में बड़ी संख्या में तंत्रिका कोशिकाएं मौजूद होती हैं, बल्कि यह भी है कि आंत और दिमाग लगातार एक-दूसरे से संवाद करते रहते हैं। Doctor Pal ने Gut और Mental Health के बीच इसी दिलचस्प कनेक्शन को समझाते हुए बताया कि हमारी आंतों की सेहत को नजरअंदाज करना मानसिक स्वास्थ्य के लिहाज से भी सही नहीं है।

gut brain connection

गट और ब्रेन का कनेक्शन (Photo - AI)

आंत में मौजूद हैं करोड़ों नर्व सेल्स

हमारी पाचन नली सिर्फ भोजन को तोड़ने और पोषक तत्वों को शरीर तक पहुंचाने का काम नहीं करती। इसके भीतर एंटेरिक नर्वस सिस्टम (Enteric Nervous System) मौजूद होता है, जिसमें बड़ी संख्या में तंत्रिका कोशिकाएं होती हैं। यह सिस्टम पाचन प्रक्रिया को नियंत्रित करने के साथ-साथ मस्तिष्क के साथ लगातार संवाद करता है। इसी दोतरफा संवाद को व्यापक रूप से Gut-Brain Axis कहा जाता है। यानी पेट और दिमाग दो अलग-अलग दुनिया नहीं हैं, बल्कि शरीर के भीतर एक-दूसरे से जुड़े सिस्टम की तरह काम करते हैं।

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