Disease That Can Increase Heart Attack Failure Risk In Hindi: आजकल के समय में लोग किसी न किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं, कुछ ऐसी बीमारियां भी होती हैं जो एक बार व्यक्ति को हो जाए तो धीरे-धीरे उसके शरीर के अन्य अंगों को भी कमजोर करना शुरू कर देती हैं। डायबिटीज और किडनी रोग दोनों ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं, जो अकेले ही शरीर को प्रभावित कर सकती हैं। लेकिन जब ये दोनों एक साथ होती हैं, तो हृदय रोग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
Disease That Can Increase Heart Attack Failure Risk
कई शोधों के अनुसार, क्रोनिक किडनी डिजीज और टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों में हृदय रोग (CVD) का जोखिम अन्य लोगों की तुलना में 8 से 28 वर्ष पहले बढ़ने का अनुमान है। इसलिए, अगर आप भी इन दोनों बीमारियों से जूझ रहे हैं, तो आपको अपने दिल की सेहत की अधिक देखभाल करने की जरूरत है। यहां जानें कैसे आप इनके साथ स्वस्थ रह सकते हैं...
जरूरी टेस्ट
डायबिटीज और किडनी रोग से ग्रस्त मरीजों को समय-समय पर खून की जांच, एचबीए1सी, किडनी और लिपिड प्रोफाइल की जांच कराते रहनी चाहिए और अपने चिकित्सक के संपर्क में रहना चाहिए। शुगर नियंत्रित हो तब भी दवा खाना बंद नहीं करना चाहिए। डॉक्टर की सलाह से दवा का डोज कम कराया जा सकता है।
बैलेंस डाइट
हार्ट की बीमारियों से बचने के लिए डाइट पर विशेष ध्यान दें। चीनी, ब्रेड, बेकरी आइटम या जंक फूड का सेवन न करें। अपनी डाइट में हरी सब्जियां, फलियां, हरे पत्तेदार सब्जियां, नट्स आदि को शामिल करें।
नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधि
नियमित शारीरिक गतिविधि में शामिल होने से किडनी रोग का जोखिम काफी हद तक कम हो सकता है। व्यायाम रक्तचाप को नियंत्रित करने, वजन को नियंत्रित करने और समग्र हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है।
इन चीजों से दूरी बनाएं
डायबिटीज और हार्ट की बीमारियों से बचना चाहते हैं, तो धूम्रपान, तंबाकू, शराब आदि का सेवन न करें। इन नशीली चीजों का सेवन करने से शरीर को पोषक तत्व नहीं मिलते और हेल्दी खाने के बाद भी सेहत को उसके फायदे नहीं मिल पाते।
नियमित डॉक्टर से सलाह
डायबिटीज और किडनी रोग से ग्रस्त मरीजों को समय-समय पर खून की जांच, एचबीए1सी, किडनी और लिपिड प्रोफाइल की जांच कराते रहनी चाहिए और अपने चिकित्सक के संपर्क में रहना चाहिए। शुगर नियंत्रित हो तब भी दवा खाना बंद नहीं करना चाहि। डॉक्टर की सलाह से दवा का डोज कम कराया जा सकता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
