Cancer Causes and Prevention Tips: दुनिया भर में रोजाना कैंसर जैसे गंभीर रोग के हजारों मामले सामने आ रहे हैं। ग्लोबोकॉन ने साल 2022 में जारी किए आंकड़ों की मानें तो महिलाओं में सबसे ज्यादा ब्रेस्ट, कोलोरेक्टल, लंग और सर्वाइकल कैंसर के मामले देखे गए हैं, जबकि पुरुषों में लंग, कोलोरेक्टल, हेड एंड नेक और प्रोस्टेट कैंसर के मामले सामने आए हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इतनी तेजी से कैंसर के मामले बढ़ने के पीछे की वजह क्या है? यदि नहीं तो आज हम आपको लाइफस्टाइल से जुड़ी कुछ ऐसी गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपको कैंसर जैसे जानलेवा खतरे की और ले जाती हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...
अनहेल्दी फूड्स का सेवन
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो बीते 2 दशक में प्रोसेस फूड्स का चलन काफी तेजी से देश में प्रचलन में आया है। हालांकि लाइफस्टाइल में बदलाव के कारण ये आवश्यकता बन गया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन करने से आपका मेटाबॉलिज्म कमजोर हो जाता है। जो शुरुआत में मोटापा और शुगर जैसी समस्याओं के बाद कैंसर जैसे खतरे को भी जन्म देता है।
तनाव से बढ़ रहा कैंसर का खतरा
यदि आप क्रोनिक स्ट्रेस से पीड़ित हैं, तो ये आपके कैंसर के जोखिम को बढ़ाने में योगदान दे सकता है। जब हमारा शरीर तनाव में होता है, तो इससे नई कोशिकाओं के निर्माण की प्रक्रिया प्रभावित होती है। जिससे शरीर में बनने वाली कैंसर सेल्स तेजी से बढ़ने लगती हैं। चूहों पर किए गए कई शोधों में इस बात को प्रमाणित भी किया गया है।
मोबाइल विकिरण बढ़ा रहा कैंसर का खतरा
आज मोबाइल भला कौन प्रयोग नहीं करता है। मोबाइल आधुनिक जीवनशैली का सबसे अहम अंग बनकर सामने आ रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मोबाइल फोन या अन्य इस तरह के उपकरणों से निकलने वाले नॉन-आयोनाइज रेडिएशन भी कैंसर जैसे जानलेवा खतरे को अपनी तरफ आकर्षित करती हैं।
कैंसर से बचाव के उपाय
- कैंसर से बचाव के लिए बैलेंस डाइट लेना जरूरी है।
- रोजाना कम से कम 20 मिनट एक्सरसाइज कैंसर को रोक सकती है।
- तंबाकू, धूम्रपान और अल्कोहल का सेवन न करने से कैंसर पर रोक लगती है।
- प्रोसेस्ड फूड्स का कम से कम सेवन करना चाहिए।
- मोबाइल का इस्तेमाल आवश्यकता के अनुरूप ही करना चाहिए।
- रोजाना कम से कम 6-8 घंटे की नींद लेना बेहद जरूरी है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
