How to Check Blood Pressure, ब्लड प्रेशर कैसे चेक करें: ब्लड प्रेशर ऐसा स्वास्थ्य संकेत है जिसकी जानकारी कई बार बिना किसी खास लक्षण के भी बदलती रहती है। यही वजह है कि केवल कभी-कभार डॉक्टर के पास जाकर बीपी नपवा लेना हमेशा पूरी तस्वीर नहीं बताता। घर पर जांच करने से अलग-अलग दिनों की रीडिंग को समझना आसान हो सकता है, लेकिन इसके लिए तरीका भी सही होना जरूरी है।
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मशीन बांधकर तुरंत बटन दबा देना पर्याप्त नहीं है। शरीर किस स्थिति में है, पैर कैसे रखे हैं, कफ कहां लगाया गया है और बांह किस ऊंचाई पर है, इन छोटी-छोटी बातों का असर रीडिंग पर पड़ सकता है। डॉक्टर जेरेमी लंदन ने अपने वीडियो में घर पर ब्लड प्रेशर मापने के तरीके को लेकर कुछ जरूरी बातें बताई हैं। उनके मुताबिक नियमित निगरानी का मकसद सिर्फ एक नंबर देखना नहीं, बल्कि समय के साथ अपनी रीडिंग का पैटर्न समझना है। इसलिए अगर आप घर में बीपी मशीन रखते हैं, तो जांच करते समय इन बातों को अपनी आदत का हिस्सा बनाना उपयोगी हो सकता है।
सबसे पहले बैठने का तरीका सुधारें
बीपी नापने से पहले आराम से कुर्सी पर बैठें। आपकी पीठ को पूरा सहारा मिलना चाहिए। दोनों पैर जमीन पर सीधे टिके हों और उन्हें एक-दूसरे के ऊपर क्रॉस न करें। मशीन चलाने से पहले कुछ देर शांत होकर बैठना भी बेहतर रहता है।
कलाई नहीं, बांह वाला कफ चुनें
घर में इस्तेमाल होने वाली मशीन लेते समय कफ पर ध्यान देना जरूरी है। डॉ. जेरेमी लंदन के अनुसार, कलाई वाले कफ की जगह बांह पर लगाने वाला कफ इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प माना जाता है। हालांकि मशीन का सही आकार चुनना भी जरूरी है, क्योंकि बहुत छोटा या बड़ा कफ रीडिंग को प्रभावित कर सकता है।
कफ कहां बांधना चाहिए?
कफ को ऊपरी बांह पर कोहनी के मोड़ से थोड़ा ऊपर लगाएं। कफ पर अगर धमनी की निशानी बनी है, तो उसे बांह की संबंधित धमनी के ऊपर सही स्थिति में रखें। कफ इतना फिट हो कि अपनी जगह पर रहे, लेकिन जरूरत से ज्यादा कसाव महसूस न हो।
बांह को हवा में न लटकाएं
कफ लगाने के बाद बांह को ढीला रखें और उसे किसी सहारे पर हृदय के लगभग समान स्तर पर टिकाएं। इसके बाद मशीन शुरू करें। बीपी मापते समय बात करने या शरीर को बार-बार हिलाने से भी बचना चाहिए।
डॉ जेरेमी के अनुसार, सिर्फ एक बार बीपी नापकर यह मान लेना कि यही आपका सामान्य रक्तचाप है, सही तस्वीर नहीं दे सकता। घर पर नियमित रीडिंग लेना ज्यादा उपयोगी हो सकता है। डॉक्टर के मुताबिक करीब 7 से 10 दिनों तक सुबह और शाम बीपी की रीडिंग लेकर उनका औसत देखा जा सकता है। इससे अलग-अलग समय की रीडिंग को साथ में समझने में मदद मिलती है।
हालांकि याद रखें कि, घर पर बीपी नापने की मशीन रखना अच्छी बात है। लेकिन घर की रीडिंग्स को डॉक्टर की जांच का विकल्प नहीं माना जा सकता है। खासतौर से तब जब आपको सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, अचानक कमजोरी या गंभीर अस्वस्थता जैसे लक्षण हों। ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना बहुत जरूरी है।
