Causes of Chronic or long Cough Other than TB: खांसी आना आम बात है, खासकर मौसम बदलते वक्त या सर्दी-जुकाम में। लेकिन अगर यही खांसी हफ्तों तक पीछा न छोड़े, तो इसे हल्के में लेना खतरे का संकेत हो सकता है। कई लोग मान लेते हैं कि लंबी खांसी का मतलब टीबी ही है, लेकिन सच यह है कि यह कई और गंभीर बीमारियों का भी संकेत हो सकती है। अगर खांसी लगातार 3-4 हफ्ते से ज्यादा बनी रहे, तो बिना देरी डॉक्टर से चेकअप करवाना जरूरी है। देर करने से बीमारी बढ़ सकती है और इलाज मुश्किल हो सकता है। आइए जानते हैं, इसके पीछे कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती हैं।
Long Cough Reasons Other Than TB In Hindi
टीबी के अलावा लंबे समय से खांसी के कारण - Long Cough Reasons Other Than TB In Hindi
- अस्थमा
- क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस
- गैस्ट्रो-एसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD)
- एलर्जी
- फेफड़ों का कैंसर
टीबी के अलावा लंबे समय तक खांसी के क्या कारण हैं - What Are The Causes Of Chronic Cough Other Than TB In Hindi
अस्थमा
अगर खांसी के साथ सांस फूलना, सीने में जकड़न और घरघराहट भी हो रही है, तो यह अस्थमा का लक्षण हो सकता है। खासकर रात या सुबह खांसी ज्यादा बढ़ जाती है। सही दवा और इनहेलर से इसे कंट्रोल किया जा सकता है।
क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस
यह फेफड़ों की नलियों में सूजन और बलगम जमने से होती है। खासतौर पर धूम्रपान करने वालों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। लंबे समय तक खांसी और बलगम आना इसके मुख्य लक्षण हैं।
गैस्ट्रो-एसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD)
GERD में पेट का एसिड ऊपर गले तक आ जाता है, जिससे गले में जलन और खांसी होती है। यह समस्या खासतौर पर खाने के तुरंत बाद या लेटने पर बढ़ जाती है।
एलर्जी
धूल, पराग या प्रदूषण से एलर्जी भी लंबी खांसी का कारण बन सकती है। इसके साथ अक्सर छींक, नाक बहना और आंखों में पानी आने जैसे लक्षण भी होते हैं।
फेफड़ों का कैंसर
अगर खांसी के साथ खून आना, वजन घटना और लगातार थकान जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत जांच कराना जरूरी है। शुरुआती पहचान से इलाज आसान हो सकता है।
लंबी खांसी को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। अगर यह 3-4 हफ्तों से ज्यादा चल रही है, तो इसे सिर्फ सर्दी-जुकाम या टीबी मानकर घर पर इलाज करने की गलती न करें। समय रहते सही जांच और इलाज से गंभीर बीमारियों को भी कंट्रोल किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
