Colon Cancer In Young Adults : आज के समय में कैंसर हमारे लिए एक बड़ी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या बन चुका है। जो समय रहते इलाज न हो पाने पर जानलेवा भी साबित हो जाता है। आज से कुछ साल पहले कोलन कैंसर (Colon Cancer) को बुजुर्गों की बीमारी समझा जाता था। लेकिन आज यह बीमारी तेजी से युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रही है। जिसके पीछे खराब जीवनशैली, असंतुलित खान पान और लगातार बढ़ता तनाव जैसे कई कारण शामिल हैं। ये सभी कारण मिलकर युवाओं में इस गंभीर कैंसर के मामलों को लगातार बढ़ा रहे हैं। आज हम आपको विस्तार से कोलन कैंसर के कारण और इसके शुरुआती लक्षण बताएंगे।
युवाओं में बढ़ रहा कोलन कैंसर
चीन के चांग गंग मेमोरियल अस्पताल के शोधकर्ताओं ने किए एक अध्ययन में इस बात का खुलासा किया है कि कोलन कैंसर के मामले अब युवाओं में भी काफी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। आंकड़ों की मानें तो हर साल कोलन कैंसर के मरीजों की संख्या में 3.2 प्रतिशत तो रेक्टल कैंसर के मामलों में 3.3 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। जिसमें युवाओं की संख्या काफी तेजी से बढ़ी है।
युवाओं में कोलन कैंसर बढ़ने के कारण
- युवाओं में कोलन कैंसर होने के पीछे गलत खानपान जैसे- फास्ट फूड, प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा तली-भुनी और मसालेदार चीजों का सेवन मुख्य रूप से शामिल है।
- इसके अलावा खाने में फाइबर की कमी होना भी युवाओं को कोलन कैंसर का मरीज बना रहा है।
- शराब और धूम्रपान की लत के कारण भी युवाओं में कोलन कैंसर के मामले काफी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं।
- ऑफिस और पढ़ाई के चलते लंबे समय तक बैठने की आदत न केवल मोटापा बल्कि कोलन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का भी बड़ा कारण बन रही है।
- यदि आपके परिवार में कोलन कैंसर का इतिहास है तो अनुवांशिक रूप से भी आपको कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
कोलन कैंसर के शुरुआती लक्षण
कोलन कैंसर का शुरुआती अवस्था में पता लगाना काफी मुश्किल होता है, क्योंकि इसके लक्षण पेट की साधारण समस्याओं जैसे ही लगते हैं। लेकिन गहन अध्ययन से आप कुछ लक्षणों के आधार पर इसका पता लगा सकते हैं।
- बार-बार पेट दर्द और ऐंठन।
- मल त्याग की आदतों में लगातार बदलाव (कब्ज या दस्त)।
- मल के साथ खून आना या गहरे काले रंग का मल।
- थकान और कमजोरी लंबे समय तक फील होना।
- बिना किसी खास वजह के वजन घटना।
- पेट में गैस या लगातार भारीपन महसूस होना।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
