मौसम की मार: प्रदूषण और मौसम से बिगड़ रही बच्चों की सेहत, निमोनिया के मामले बढ़े

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  • Updated Dec 11, 2022, 03:09 PM IST

सर्दी, प्रदूषण बढ़ने की वजह से बच्चे निमोनिया की चपेट में भी आ रहे हैं। जिन्होंने वैक्सीन नहीं लगाई गई है उन्हें अधिक खतरा है। पीडियाट्रिशियन डॉ. डीके गुप्ता का कहना है कि ओपीडी में बच्चे निमोनिया से ग्रस्त मिल रहे हैं। निमोनिया के लक्षणों को समय से पहचान कर इलाज शुरू कर बच्चों का बचाव कर सकते है।

बच्चे हो, बूढ़े हो या जवान, इस बार सब की सेहत हो रही है खराब। इस बार अगर बच्चों को सर्दी जुकाम (Cold and Cough) हो रहा है तो वह ठीक होने का नाम ही नहीं ले रहा है। चाहे जितनी दवाई (Medicine) आप करवा लें और सबसे बड़ी बात है कि डॉक्टर (Doctor) भी इस बात से हैरान हैं कि बच्चों को हुआ वायरल फीवर (Viral Fever) या सर्दी जुखाम जो महज 3 से 5 दिनों के अंदर ठीक हो जाए करता था, वह लंबे समय तक बना हुआ है। बढ़ते प्रदूषण (Pollution) के चलते लोग लंबे समय तक बीमार पड़ रहे हैं। अस्पताल में पहुंचने वाले लोगों की संख्या भी करीब 15 प्रतिशत तक बढ़ गई है जिनको इस प्रदूषण से सांस लेने में दिक्कत हो रही है और तरह-तरह की बीमारियों का लोग सामना कर रहे हैं।

children ill due to weather and polution

प्रदूषण और मौसम से बिगड़ रही बच्चों की सेहत।

नोएडा के सेक्टर 93 में रहने वाली वैष्णवी ने बताया कि उनके 7 साल का बेटा काफी बीमार रहने लगा है। पहले उसे सर्दी खांसी जुखाम होता था तो जल्दी ठीक हो जाता था। लेकिन अब महीनों से उसे दिक्कत बनी हुई है कई डॉक्टर को दिखाया है लगातार दवाई दी है लेकिन इसका कोई खास असर होता दिखाई नहीं दे रहा है बच्चे को सांस लेने में दिक्कत, सर्दी और जुकाम लगातार बना हुआ है। जिससे पैरेंट्स को काफी प्रॉब्लम हो रही है। बच्चे को स्कूल में भेजना जरूरी है उसे रोककर नहीं रख सकते।

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