Causes Of Heart Disease In kids In Hindi: कम उम्र में ही लोगों की मृत्यु का हृदय रोगों को प्रमुख कारण माना जाता है। आजकल लोगों में हृदय रोगों से पीड़ित लोगों के मामलों में काफी तेजी से बढ़ रहे हैं और साल लाखों को इनके कारण अपनी जान गवां रहे हैं। लेकिन आजकल सिर्फ युवाओं में ही नहीं छोटे बच्चों में हृदय रोग के मामले सामने आ रहे हैं। इसको लेकर आजकल पेरेंट्स काफी चिंता में रहने लगे हैं। बहुत से पेरेंट्स डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट से यह पूछते हैं कि आखिर बच्चों में हृदय रोग होने के क्या कारण होते हैं? आखिर क्यों कम उम्र में ही बच्चे इनकी चपेट में आ रहे हैं? वैसे तो बच्चों में हृदय रोगों के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। लेकिन पेरेंट्स की लापरवाही और पर्याप्त देखभाल न करना भी बच्चों मे हृदय रोगों के जोखिम को बढ़ा सकती है। बच्चों में हृदय रोगों के लिए जिम्मेदार कुछ प्रमुख कारण इस लेख में विस्तार से जानें।
Causes Of Heart Disease In Children
बच्चों में हृदय रोग के कारण क्या होते हैं- Causes Of Heart Disease In Children In Hindi
1. आनुवंशिकी
अगर परिवार में किसी व्यक्ति में हृदय रोगों का इतिहास रहा है, तो बच्चों में भी इसकी संभावना देखने को मिल सकती है।
2. आउटडोर गेम्स न खेलना
आजकल बच्चे घर से बाहर जाकर खेलने के बजाए घर में मोबाइल फोन और गेमिंग कंसोल में गेम्स खेलते हैं। लेकिन हृदय स्वास्थ्य के लिए बाहर जाकर खेलना आवश्यक है। इसलिए बच्चों को बाहर खेलने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
3. खानपान ठीक न होना
आजकल के बच्चे चॉकलेट, मिठाई, चिप्स-नमकीन और अन्य अनहेल्दी फूड्स का सेवन अधिक करते हैं, जिनमें पोषण के नाम पर कुछ नहीं होता है और ये बच्चों में कई गंभीर रोगों को बढ़ाने में योगदान देते हैं। हृदय रोगों से बचने के लिए पेरेंट्स को अपने बच्चों के खानपान का खास ध्यान रखना चाहिए।
4. बढ़ता वजन
बच्चों का वजन बढ़ना ठीक है, लेकिन बच्चा अगर मोटापे से ग्रस्त है तो यह उनमें हृदय रोगों के खतरे को बढ़ा सकता है। इसलिए पेरेंट्स को इस बात का ध्यान रखना चाहिए।
5. हाई ब्लड प्रेशर
आजकल बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी काफी देखने को मिल रही है, जो हृदय रोगों के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल है। पेरेंट्स को इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
अगर पेरेंट्स अपने बच्चों की सही देखभाल करें और समय-समय पर डॉक्टर से उनका चेकअप कराएं, तो बच्चों को हृदय रोगों से सुरक्षित रख सकते हैं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
