भारतीय घरों में पूजा के समय अगरबत्ती जलाना बहुत आम है। लेकिन पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर यह दावा तेजी से वायरल हुआ कि रोज अगरबत्ती जलाने से डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि क्या यह सच है?
क्या सच में अगरबत्ती जलाने से बढ़ जाता है ब्लड शुगर (Photo: iStock)
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस दावे को लेकर डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि अब तक ऐसा कोई पुख्ता वैज्ञानिक सबूत नहीं मिला है जो यह साबित करे कि एक अगरबत्ती जलाने से सीधे ब्लड शुगर बढ़ जाता है या डायबिटीज हो जाती है। डायबिटीज एक्सपर्ट्स के मुताबिक, खाना, बीमारी, कुछ दवाइयां या शरीर का मेटाबॉलिक तनाव जिस तरह ब्लड शुगर को प्रभावित करते हैं, उसी तरह अगरबत्ती का सीधा असर साबित नहीं हुआ है।
इन विशेषज्ञों की चिंता एक दूसरे पहलू को लेकर है। वो ये है कि लंबे समय तक धुएं के संपर्क में रहने से शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ सकता है। ये दोनों प्रक्रियाएं इंसुलिन रेजिस्टेंस से जुड़ी मानी जाती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि अगरबत्ती ही डायबिटीज की वजह बन जाती है।
अगरबत्ती के धुएं में क्या होता है?
अगरबत्ती का धुआं उसके प्रकार और जलने के तरीके पर निर्भर करता है। इसमें कई तरह के प्रदूषक निकलते हैं, जिनमें सूक्ष्म कण, कार्बन मोनोऑक्साइड और वोलाटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड्स शामिल होते हैं। वैज्ञानिक मानते हैं कि ये तत्व शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन पैदा कर सकते हैं। लेकिन किसी जैविक प्रक्रिया का मौजूद होना और किसी बीमारी का सीधा कारण साबित होना, दोनों अलग बातें हैं। अभी तक अगरबत्ती और डायबिटीज के बीच ऐसा प्रत्यक्ष संबंध साबित नहीं हुआ है।
रोज जलाना और कभी-कभार जलाना, दोनों में फर्क है
विशेषज्ञों के अनुसार यहां सबसे अहम बात है- मात्रा, अवधि और आवृत्ति। अगर आप कभी-कभार हवादार कमरे में एक अगरबत्ती जलाते हैं, तो इसे बंद कमरे में लंबे समय तक रोज धुएं के संपर्क में रहने के बराबर नहीं माना जा सकता। यानी कभी-कभार पूजा में अगरबत्ती जलाने को लेकर बेवजह डरने की जरूरत नहीं है।
क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
अगरबत्ती का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करने की सलाह नहीं दी गई है, लेकिन कुछ आसान सावधानियां अपनाई जा सकती हैं।
- अगरबत्ती जलाते समय कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन रखें।
- बंद कमरे में लंबे समय तक धुआं जमा न होने दें।
- जरूरत से ज्यादा अगरबत्तियां एक साथ जलाने से बचें।
- जिन लोगों को अस्थमा या सांस संबंधी समस्या है, वे अतिरिक्त सावधानी रखें।
फिलहाल उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाण यही बताते हैं कि अगरबत्ती जलाने से डायबिटीज होने या ब्लड शुगर बढ़ने का कोई ठोस सबूत नहीं है। हां, लंबे समय तक किसी भी तरह के धुएं या वायु प्रदूषण के संपर्क में रहना शरीर में सूजन और इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी प्रक्रियाओं से जुड़ सकता है। इसलिए संतुलित और सुरक्षित इस्तेमाल ही सबसे बेहतर तरीका है।
