Good News: स्तन कैंसर का जल्द पता लगाने में मदद कर सकता है ब्रेस्ट मिल्क!

Breast Cancer: यह निष्कर्ष स्पेन के वैल डी'हेब्रोन यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं द्वारा तब निकाला गया जब एक महिला को अपनी तीसरी बेटी के साथ गर्भवती होने के दौरान स्तन कैंसर का पता चला और उसके दूध से उसकी दूसरी बेटी में ट्यूमर के फैलने के संभावित खतरे के बारे में चिंता व्यक्त की गई।

Breast Cancer: स्पेनिश शोधकर्ताओं ने पहली बार पाया कि ब्रेस्ट कैंसर के रोगियों (Breast Cancer Patients) के दूध में ट्यूमर डीएनए होता है, और यह दुनियाभर में महिलाओं को प्रभावित करने वाले सबसे आम प्रकार के कैंसर (Cancer) का जल्द पता लगाने में मदद कर सकता है। ट्यूमर डीएनए, जिसे सर्कुलेटिंग ट्यूमर डीएनए (सीटीडीएनए) के रूप में जाना जाता है, ब्रेस्ट मिल्क (Breast Milk) में लिक्विड बायोप्सी से पता लगाया जा सकता है, पारंपरिक इमेजिंग का उपयोग कर स्तन कैंसर का निदान करने से पहले भी। कैंसर डिस्कवरी जर्नल में प्रकाशित शोध से पता चलता है कि प्रसव के बाद ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) के शीघ्र निदान के लिए यह एक नया उपकरण बन सकता है।

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Good News: स्तन कैंसर का जल्द पता लगाने में मदद कर सकता है ब्रेस्ट मिल्क!

'ब्रेस्ट मिल्क से नहीं फैलता है स्तन कैंसर'

यह निष्कर्ष स्पेन के वैल डी'हेब्रोन यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं द्वारा तब निकाला गया जब एक महिला को अपनी तीसरी बेटी के साथ गर्भवती होने के दौरान स्तन कैंसर का पता चला और उसके दूध से उसकी दूसरी बेटी में ट्यूमर के फैलने के संभावित खतरे के बारे में चिंता व्यक्त की गई। विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ ऑन्कोलॉजी (वीएचआईओ) में स्तन कैंसर समूह की प्रमुख डॉ. क्रिस्टीना सौरा ने कहा कि रोगी हमारे लिए ब्रेस्ट मिल्क का सैंपल लेकर आई जिसे उसने अपने फ्रीजर में संग्रहीत किया था। यहीं से हमारी रिसर्च शुरू हुई। हालांकि हम जानते हैं कि स्तन कैंसर ब्रेस्ट मिल्क से नहीं फैलता है, हमने सैंपल का विश्लेषण करने का फैसला किया। और वास्तव में, जब हमने मरीज के ब्रेस्ट मिल्क का विश्लेषण किया, तो हमें उसी म्यूटेशन के साथ डीएनए मिला जो उसके ट्यूमर में मौजूद था। मरीज के कैंसर के निदान से एक साल से अधिक समय पहले स्तन का दूध जमा कर दिया गया था।

इसके बाद शोधकर्ताओं ने गर्भावस्था या प्रसव के बाद निदान किए गए 15 स्तन कैंसर रोगियों के साथ-साथ स्तनपान कराने वाली स्वस्थ महिलाओं से ब्रेस्ट मिल्क और ब्लड के सैंपल एकत्र किए। दो तकनीकों, नेक्स्ट जेनरेशन सीक्वेंसिंग (एनजीएस) और ड्रॉपलेट डिजिटल पीसीआर (डीडीपीसीआर) का उपयोग किया गया। वीएचआईओ की जीनोमिक्स प्रयोगशाला की प्रमुख डॉ एना विवांकोस ने कहा कि हमने पाया कि ब्रेस्ट मिल्क में ट्यूमर की उत्पत्ति का मुक्त परिसंचारी डीएनए था। हम विश्लेषण किए गए 15 रोगियों में से 13 के ब्रेस्ट मिल्क के सैंपल में उन म्यूटेशन का पता लगाने में सक्षम थे जो स्तन कैंसर के रोगियों के ट्यूमर में मौजूद थे। जबकि एक ही समय में एकत्र किए गए रक्त के नमूनों में से केवल एक में सीटीडीएनए पाया गया।

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