Breast Cancer Awareness Month: ब्रेस्ट में दर्द या गांठ महसूस होते ही कई महिलाओं को सबसे पहले ब्रेस्ट कैंसर का डर सताने लगता है। हालांकि, हर गांठ या दर्द कैंसर की वजह से नहीं होता। ब्रेस्ट में होने वाले हार्मोनल बदलाव, चोट, कुछ दवाओं का असर, एक्सरसाइज के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव और गर्भावस्था जैसी कई सामान्य वजहों से भी ऐसी परेशानी हो सकती है। अलग-अलग उम्र में ब्रेस्ट में होने वाले बदलाव भी दर्द या छोटी गांठ का कारण बन सकते हैं।
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डॉक्टर सोनल परिहार के अनुसार, ब्रेस्ट में दर्द या गांठ को लेकर घबराने के बजाय उसके कारण को समझना जरूरी है। प्यूबर्टी के दौरान ब्रेस्ट का विकास, पीरियड्स से पहले होने वाले हार्मोनल बदलाव, गर्भनिरोधक गोलियां और स्तनपान के दौरान दूध रुकना भी इसके पीछे कारण हो सकते हैं। वहीं, अगर बाएं ब्रेस्ट का दर्द हाथ तक फैल रहा है, तो यह दिल से जुड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है। इसलिए लगातार रहने वाले दर्द या गांठ की स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
प्यूबर्टी में क्यों होती है गांठ?
10 से 11 साल की उम्र में लड़कियों के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन बढ़ने लगता है। इससे ब्रेस्ट में दूध बनाने वाली ग्रंथियों का विकास शुरू होता है। इस दौरान ब्रेस्ट में छोटी-छोटी गांठ महसूस हो सकती हैं और छूने पर दर्द या संवेदनशीलता भी हो सकती है।
पीरियड्स के पहले ब्रेस्ट में दर्द
20 से 40 साल की महिलाओं में पीरियड्स से पहले हार्मोनल बदलाव के कारण ब्रेस्ट में दर्द और भारीपन हो सकता है। प्रोजेस्टेरोन हार्मोन बढ़ने से ब्रेस्ट टिश्यू में पानी जमा हो सकता है और छोटी सिस्ट बन सकती हैं। इसे फाइब्रोसिस्टिक बदलाव कहा जाता है। गर्भावस्था और गर्भनिरोधक गोलियों के कारण भी ऐसा हो सकता है।
चोट लगने से भी हो सकती है गांठ
ब्रेस्ट पर चोट लगने से भी दर्द और गांठ की समस्या हो सकती है। बच्चे के पैर लगने, दुर्घटना या दूध निकालते समय चोट लगने के कारण अंदर खून जमा हो सकता है। इसे हेमेटोमा कहते हैं। कुछ मामलों में संक्रमण के कारण मवाद बनने से भी दर्द और गांठ हो सकती है।
कुछ दवाओं से भी हो सकता है दर्द
कुछ दवाओं के कारण भी ब्रेस्ट में दर्द हो सकता है। डॉक्टर सोनल परिहार के अनुसार, कुछ एंटी-डिप्रेशन दवाएं पीरियड्स के चक्र में बदलाव कर सकती हैं, जिसका असर ब्रेस्ट पर भी पड़ सकता है। गर्भनिरोधक गोलियां और मेनोपॉज के बाद ली जाने वाली हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी यानी HRT भी ब्रेस्ट में दर्द या संवेदनशीलता की वजह बन सकती है।
प्रेग्नेंसी और ब्रेस्ट फीडिंग में क्यों होता है ब्रेस्ट पेन?
गर्भावस्था के दौरान शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं। प्रोलैक्टिन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन बढ़ने, शरीर में पानी जमा होने और निपल्स की नसों के ज्यादा संवेदनशील होने के कारण ब्रेस्ट का आकार बढ़ सकता है। इस वजह से दर्द और संवेदनशीलता महसूस होना संभव है। बच्चे को सही पोजीशन में स्तनपान न कराने, दूध रुक जाने या संक्रमण होने से ब्रेस्ट में गांठ और दर्द हो सकता है। अगर दर्द या गांठ बनी रहती है या परेशानी बढ़ती है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
ब्रेस्ट में गांठ महसूस होने पर घबराना नहीं चाहिए, लेकिन इसे नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए। डॉक्टर सोनल परिहार की बताई वजहों से साफ है कि ब्रेस्ट पेन और गांठ के पीछे कई सामान्य कारण हो सकते हैं। सही कारण जानने के लिए जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से जांच और सलाह लेना सबसे बेहतर तरीका है।
