Which salt is good for health : नमक को लेकर कई कहावतें प्रचलित हैं। मगर क्या आप ये जानते हैं कि, मुहावरों व कहावतों में इस्तेमाल होने वाला ये नमक हमारे शरीर के लिए कितना फायदेमंद और हानिकारक है। इसका कितना उपयोग करने से हमारा शरीर तंदुरूस्त रहता है। बता दें कि, नमक 3 प्रकार का होता है। अब गौर करने वाली बात ये है कि, कौनसा नमक खाने से हमारे शरीर में नुकसान नहीं होता। आमतौर पर हमारी रसोई बनने वाले खाने में सफेद नमक का इस्तेमाल किया जाता है।
ब्लैक सॉल्ट में छिपा है सेहत का खजाना, जानें कैसे
इसके अलावा काला व सेंधा नमक भी व्यंजनों का जायका बढाने व उपवास आदि के मौकों पर कभी - कभार किया जाता है। जिसमें सलाद, रायता व अन्य पकवानों में काले व सेंधे नमक के इस्तेमाल से इनका स्वाद लजीज हो जाता है। ये सेहत के लिए भी अच्छा होता है। गौरतलब है कि, सफेद नमक के मुकाबले ब्लैक सॉल्ट में कैल्शियम, पोटेशियम व मैग्नीशियम की मात्रा अधिक होती है। यही वजह है कि, काले नमक को खाने से हमारे शरीर में इम्यून सिस्टम को मजबूती मिलती है। अब सवाल ये है कि, सफेद की जगह खाने में काला नमक कैसे प्रयोग किया जाए। आइए तो अब इन्हीं सवालों के जवाब जानेंगे।
सोडियम की खान है नमक
अब तक हुई रिसर्च के मुताबिक नमक सोडियम का अकूत भंडार है, जो कि व्यंजनों के लिए जरूरी होता है। अब जानने वाली बात ये है कि, आखिर सफेद नमक का सबसे बेहतर विकल्प काला नमक ही क्यों व क्या काला नमक भोजन में आमतौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे लेकर विशेषज्ञों ने बताया है कि, काला नमक खाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। बता दें कि, हिमालय की चट्टानें वनोषधियों का भंडार हैं, इनमें मिलने वाला काला नमक सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है। ये सेहत के लिए बड़ा कारगर रहता है। यहां पाए जाने वाले काले नमक का कलर लाइट पिंक व ब्राउन होता है। गौरतलब है कि वैसे तो नमक को आयुर्वेद में औषधि के तौर पर माना जाता है। मगर शरीर के लिए सोडियम एक जरूरी तत्व है। इसे उपयोग करने की सलाह के पीछे की सबसे अहम वजह ये है कि, इसमें सफेद नमक के मुकाबले सोडियम की मात्रा कम होती है।
अधिक सोडियम से ये होते हैं नुकसान
सफेद नमक में सोडियम की मात्रा अधिक होने के चलते इसका इस्तेमाल कर रहे व्यक्ति को उच्च रक्तचाप की प्रोब्लम हो सकती है। अगर उच्च रक्तचाप की शिकयात हो जाती है तो चिकित्सक उस व्यक्ति को काला नमक खाने की सलाह देते हैं। सफेद नमक से परहेज की एक और प्रमुख वजह ये है कि, इसके बनने के प्रोसेस में पोटेशियम आयोडेंट व एल्यूमीनम सिलीकेट जैसे घातक तत्व शामिल हो जाते हैं। जो कि मानव कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके कारण कई खतरनाक बीमारियां होने का खतरा बढ जाता है। जबकि काले नमक का साधारण प्रोसेस होता है, जिसमें कोई घातक तत्व शामिल नहीं होते।
ये हैं ब्लैक सॉल्ट के फायदे
जानकारों के मुताबिक ब्लैक सॉल्ट में समाहित खनिज लवण हमारे भोजन का स्वाद और खुश्बु तो बढाते ही हैं। इसके अलावा पाचन जैसी समस्याओं का भी खातमा करते हैं। ब्लैक सॉल्ट में मौजूद मिनरल्स हमारी त्वचा और बालों के लिए बेहद लाभकारी होते हैं। इसके सेवन से पेट फूलने सहित गैस, अपच व एसिडिटी व उल्टी होने जैसी समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
