Best sleeping position to avoid back pain: अक्सर हम कमर दर्द की वजह खराब कुर्सी, ज्यादा काम या उम्र को मान लेते हैं, लेकिन एक बड़ी वजह पर ध्यान ही नहीं देते कि हम कैसे सोते हैं। सोचिए, दिन का एक-तिहाई हिस्सा नींद में गुजरता है और अगर इसी दौरान शरीर गलत पोजिशन में रहे, तो दर्द होना लाजमी है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि गलत स्लीपिंग पोजिशन रीढ़ पर दबाव डालती है, जिससे कमर दर्द धीरे-धीरे बढ़ता चला जाता है। अच्छी बात ये है कि सही मुद्रा अपनाकर इस परेशानी से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है।
कमर दर्द से बचने के लिए ये है सही स्लीपिंग पोजिशन
पेट के बल सोना बनता है कमर दर्द की वजह
कई लोगों को पेट के बल सोने की आदत होती है, लेकिन एक्सपर्ट्स इसे कमर के लिए सबसे खराब पोजिशन मानते हैं। इस मुद्रा में रीढ़ की नैचुरल कर्व बिगड़ जाती है और गर्दन एक तरफ मुड़ जाती है। इसका सीधा असर कमर और गर्दन दोनों पर पड़ता है। लंबे समय तक ऐसे सोने से मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द बढ़ सकता है।
पीठ के बल सोना कब फायदेमंद होता है
पीठ के बल सोना कई मामलों में बेहतर माना जाता है, खासकर तब जब रीढ़ को सही सपोर्ट मिले। अगर इस पोजिशन में घुटनों के नीचे हल्का तकिया रख लिया जाए, तो कमर पर दबाव कम होता है। इससे रीढ़ अपनी प्राकृतिक स्थिति में रहती है और सुबह उठते वक्त जकड़न कम महसूस होती है।
करवट लेकर सोना क्यों है सबसे सुरक्षित विकल्प
बता दें कि करवट लेकर सोना कमर दर्द वालों के लिए सबसे बैलेंस पोजिशन मानी जाती है। खासतौर पर बाईं करवट सोने से रीढ़ सीधी रहती है। अगर दोनों घुटनों के बीच तकिया रख लिया जाए, तो कूल्हों और कमर पर पड़ने वाला दबाव और भी कम हो जाता है।
सही तकिया और गद्दे का रोल
सिर्फ पोजिशन ही नहीं, तकिया और गद्दा भी कमर दर्द में अहम भूमिका निभाते हैं। बहुत ऊंचा या बहुत सख्त तकिया गर्दन और रीढ़ की लाइन बिगाड़ सकता है। वहीं, बहुत नरम गद्दा शरीर को अंदर धंसा देता है, जिससे कमर को सही सपोर्ट नहीं मिल पाता।
छोटी आदतें डालती हैं बड़ा असर
अगर रोज की नींद में थोड़ी समझदारी जोड़ ली जाए, तो कमर दर्द से काफी राहत मिल सकती है। सही स्लीपिंग पोजिशन अपनाना, तकिए का सही इस्तेमाल और शरीर को आरामदायक सपोर्ट देना - ये छोटी-छोटी बातें मिलकर दर्द को बढ़ने से रोक सकती हैं। कमर दर्द को नजरअंदाज करने के बजाय आज ही सोने की मुद्रा बदलना समझदारी भरा कदम हो सकता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
