Brahmi amazing health benefits: ब्राह्मी के पौधे को कई जगहों पर ‘बकोपा’ के नाम से जानते हैं। इस पौधे को तनाव, कैंसर, गठिया, सूजन, ब्लड शुगर जैसे गंभीर रोगों में जड़ी बूटी के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। ब्राह्मी में कई महत्वपूर्ण गुण मौजूद होते हैं, जो हमारे शरीर की कई बीमारियों को दूर करने में मदद कर सकते हैं। यह एक लता की तरह जमीन पर फैलकर बड़ा होता है। यह एक बारहमासी जड़ी बूटी है। इस मुलायम और गूदेदार पत्तियों वाले पौधे के जरिए कई स्वास्थ्य समस्याओं को खत्म किया जा सकता है।
डायबिटीज,कैंसर जैसे गंभीर रोगों के लिए ब्राह्मी के अद्भुत लाभ, जानें |
ब्राह्मी के फायदे
आयुर्वेद के अनुसार यह औषधीय गुणों वाला पौधा पित्त नाशक, याददाश्त को मजबूत बनाने वाला, शरीर को ठंडक देकर विषैले पदार्थों को बाहर निकालने वाला और बुद्धि वर्धक होता है। यह खून को साफ करने से लेकर कफ और त्वचा से जुड़े रोगों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। इस अनोखी जड़ी बूटी का इस्तेमाल अनगिनत बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों में नीम और तुलसी की तरह ही ब्राह्मी को भी कई बीमारियों और दवाओं के लिए उपयोग में लाया जाता है। यह रसीली जड़ी बूटी गीली मिट्टी या दलदल में उगती है। इसके फूलों के साथ-साथ तने और पतियों को भी औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
बीमारियों में ब्राह्मी के लाभ
डायबिटीज में फायदेमंदडायबिटीज के रोगियों के लिए ब्राह्मी किसी वरदान से कम नहीं है। इसमें antidiabetic गुण मौजूद होते हैं, जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करके इस बीमारी के खतरे को कम करने में मददगार होते हैं। ब्राह्मी हाइपोग्लाइसीमिया के लक्षणों में भी सुधार लाने का काम करती है।
घाव भरने के लिए
ब्राह्मी का रस घावों के उपचार और प्रभावित जगह को कीटाणुरहित करने में एक तरह से दवा के रूप में कार्य करता है। प्रभावित क्षेत्र पर ब्राह्मी का रस लगाएं क्योंकि यह त्वचा को निखारता है और कोमलता प्रदान करके निशान को हल्का करता है।
तनाव और चिंता कम करने में
ब्राह्मी में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो तनाव को कम करने में हमारी मदद कर सकते हैं। ब्राह्मी कोर्टिसोल के लेवल को कम करती है। हम इसे स्ट्रेस हार्मोन के रूप में जानते हैं।
कैंसर और गठिया
इस जड़ी बूटी में एंटी कैंसर गुण मौजूद होते हैं, जिसका उपयोग कैंसर जैसी घातक और जानलेवा बीमारी के खतरे से बचने के लिए भी किया जाता है। इसके अलावा इसके माध्यम से गठिया और सूजन से निपटने भी मदद मिलती है।
ऐसे करें उपयोग
अब सवाल ये है कि ब्राह्मी का उपयोग करना कैसे है। इसके लिए ब्राह्मी की पांच से छह पत्तियां तोड़ लें, इन्हें कूटकर एक कप पानी में उबाल लें। अब पानी छान कर उसमें एक चम्मच शहद मिला लें। डायबिटीज के मरीज शहद न मिलाएं। इस पानी को गुनगुना होने पर पिएं। इसका सेवन सुबह और शाम दोनों समय पर किया जा सकता है। अगर ताजी पत्तियां नहीं मिलती हैं तो उसके चूर्ण का उपयोग कर सकते हैं।हालांकि उपयोग से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
