हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए लौकी-ज्वार का ऐसे करें इस्तेमाल, आचार्य बालकृष्ण ने बताया आसान तरीका

कम हीमोग्लोबिन को लेकर आचार्य बालकृष्ण ने गेहूं के ज्वारे, गिलोय और लौकी के रस का पारंपरिक प्रयोग बताया है। हालांकि एनीमिया के कारण अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए किसी भी घरेलू उपाय को इलाज का विकल्प नहीं मानना चाहिए।

शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने पर थकान, कमजोरी और चक्कर जैसी परेशानियां महसूस हो सकती हैं। ऐसे में खानपान पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है। आचार्य बालकृष्ण ने अपने वीडियो में कम हीमोग्लोबिन और एनीमिया के संदर्भ में गेहूं के ज्वारे, गिलोय और लौकी के रस का पारंपरिक प्रयोग बताया है। उनके अनुसार, अगर गेहूं का ज्वारा या गिलोय उपलब्ध न हो तो लौकी और सेब से भी रस तैयार किया जा सकता है।

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