Home Remedy: जोड़ों में दर्द, अकड़न और सूजन ऐसी परेशानियां हैं जो रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना देती हैं। खासकर उम्र बढ़ने के साथ अर्थराइटिस जैसी समस्याओं में उठना-बैठना, सीढ़ियां चढ़ना या लंबे समय तक चलना भी चुनौती बन सकता है। ऐसे में राहत के लिए लोग दवाओं के साथ-साथ घरेलू और पारंपरिक उपायों की ओर भी देखते हैं। इसी सिलसिले में Acharya Balkrishna ने मेथी, हल्दी और सोंठ के मिश्रण का जिक्र किया है। आइए जानते हैं उनका बताया घरेलू नुस्खा जो आपको जोड़ों के दर्द और सूजन से निजात दिला सकता है।
जोड़ों में दर्द और सूजन का घरेलू नुस्खा
तीन मसालों का यह मिश्रण क्यों है खास?
रसोई में आसानी से मिलने वाली हल्दी, मेथी और सोंठ पारंपरिक भारतीय खानपान और आयुर्वेदिक प्रयोगों में लंबे समय से इस्तेमाल होती रही हैं। हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाता है। वहीं मेथी और सोंठ का इस्तेमाल भी पारंपरिक रूप से पाचन तथा शरीर में होने वाली सूजन और वात संबंधी परेशानियों में किया जाता रहा है।
Acharya Balkrishna के बताए प्रयोग में इन तीनों को बराबर मात्रा में लेकर पाउडर बनाने और गर्म पानी के साथ सेवन करने की बात कही गई है। उनके अनुसार यह मिश्रण जोड़ों के दर्द, अर्थराइटिस, वायु विकार और सूजन जैसी परेशानियों में उपयोगी हो सकता है।
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कैसे तैयार करें और कब इस्तेमाल करें?
बताए गए तरीके के अनुसार हल्दी, मेथी और सोंठ का पाउडर बराबर मात्रा में तैयार किया जाता है। इसके बाद सुबह और शाम गर्म पानी के साथ इसका सेवन करने की बात कही गई है। हालांकि यहां एक जरूरी बात समझना बेहद महत्वपूर्ण है। किसी भी घरेलू मिश्रण की मात्रा व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य, दूसरी दवाओं और मौजूदा बीमारी के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए इसे नियमित रूप से शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
क्या दवाओं के साथ भी इस्तेमाल किया जा सकता है ये नुस्खा?
Acharya Balkrishna के कथन में पुराने अर्थराइटिस मरीजों द्वारा अपनी अन्य दवाओं के साथ इस मिश्रण का सेवन करने की बात कही गई है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि हर व्यक्ति के लिए दवाओं के साथ यह मिश्रण सुरक्षित ही होगा। खासकर जो लोग ब्लड थिनर, डायबिटीज या ब्लड प्रेशर की दवाएं लेते हैं, उन्हें किसी भी हर्बल या मसाले वाले सप्लीमेंट को नियमित रूप से लेने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। अपनी चल रही दवा को बंद या कम करना बिल्कुल उचित नहीं है।
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इलाज का विकल्प नहीं हैं घरेलू नुस्खे
जोड़ों की सूजन के पीछे अर्थराइटिस के अलावा कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। लगातार दर्द, जोड़ गर्म या लाल होना, अचानक सूजन बढ़ना अथवा चलने-फिरने में ज्यादा परेशानी होने पर केवल घरेलू नुस्खे पर निर्भर रहने के बजाय चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
मेथी, हल्दी और सोंठ जैसे मसाले भोजन का हिस्सा जरूर हो सकते हैं, लेकिन इन्हें अर्थराइटिस की प्रमाणित चिकित्सा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। संतुलित आहार, नियमित हल्की एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद, वजन को नियंत्रित रखना और डॉक्टर द्वारा सुझाए गए उपचार के साथ ही जोड़ों की सेहत को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है।
