यमन में क्या टल पाएगी निमिषा प्रिया की फांसी? एक दिन बाद होनी है फांसी, 'ब्लड मनी' पर टिकी है भारतीय नर्स की जिंदगी

निमिषा पर साल 2018 में अपने कारोबारी पार्टनर तलाल अब्दो महदी की हत्या करने का आरोप लगा। इसी साल यमन के राष्ट्रपति रशद अल-अलीमी ने निमिषा को फांसी की सजा को मंजूरी दी। राजनयिक और कूटनीतिक प्रयासों के करीब-करीब विफल हो जाने के बाद निमिषा को बचाने के लिए केवल अब एक रास्ता बचा है और वह है 'ब्लड मनी'।

Nimisha Priya Case : केरल की नर्स निमिषा प्रिया को 16 जुलाई यानी बुधवार को यमन में फांसी दी जानी है। भारत सरकार की ओर से काफी प्रयास किए जाने के बाद भी इस मामले में सफलता नहीं मिल पाई है। सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार से कूटनीति के जरिए निमिषा की फांसी टालने के लिए प्रयास करने को कहा है लेकिन निमिषा की फांसी तभी टल सकती है जब मृतक यमनी नागरिक का परिवार 'ब्लड मनी' स्वीकार कर ले। परिवार यदि 'ब्लड मनी' मंजूर कर लेता है तो निमिषा को 'क्षमादान' मिल सकता है। अब निमिषा का भविष्य इस 'ब्लड मनी' के स्वीकारने एवं नकारने पर निर्भर है। एक यमनी नागरिक की हत्या मामले में निमिषा को फांसी की सजा सुनाई गई है।

Nimisha Priya

यमन में 16 जुलाई को होनी है भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की फांसी। तस्वीर-ट्विटर

यमनी नागरिक की हत्या करने का आरोप

निमिषा पर साल 2018 में अपने कारोबारी पार्टनर तलाल अब्दो महदी की हत्या करने का आरोप लगा। इसी साल यमन के राष्ट्रपति रशद अल-अलीमी ने निमिषा को फांसी की सजा को मंजूरी दी। राजनयिक और कूटनीतिक प्रयासों के करीब-करीब विफल हो जाने के बाद निमिषा को बचाने के लिए केवल अब एक रास्ता बचा है और वह है 'ब्लड मनी'। इस्लाम में शरिया कानून में ऐसी व्यवस्था है कि पीड़ित परिवार यदि 'ब्लड मनी' जिसे 'दीया' कहते हैं, इसे यदि स्वीकार कर लेता है तो दोषी व्यक्ति या महिला की मौत की सजा टाल दी जाती है।

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