मुनीर को CDF बनाने से बच रहे पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ!
भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में अस्थिरता का माहौल किसी से छिपा नहीं है। वहां सेना और सरकार के बीच में तकरार की खबरें अक्सर ही सामने आती रहती हैं। वहीं अब ताजा विवाद के तहत पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज ( CDF of Pakistan) के पद पर संभावित प्रमोशन को लेकर हलचलें जारी हैं। सीडीएस की इस पोस्ट के लिए नोटिफिकेशन जारी होने में देरी हो रही है, जिसे लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इससे असीम मुनीर (Asim Munir) का भविष्य दांव पर लगा हुआ है और अगर ऐसा नहीं होता है तो उन्हें केवल पाकिस्तान के फील्ड मार्शल के पद से ही संतोष करना होगा।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सेना प्रमुख आसिम मुनीर को प्रमोशन देने के पक्ष में नहीं हैं। बताते हैं कि शहबाज को खौफ इस बात का है कि ऐसा करने से आसिम मुनीर के बेहद शक्तिशाली हो जाएगा। जिसके बाद पाक में शहबाज और कमजोर होंगे यहां तक की वहां की सत्ता का समीकरण भी बदल सकता है।
आसिम मुनीर को 29 नवंबर 2022 को पाकिस्तान का सेना प्रमुख बनाया गया था और 29 नवंबर 2025 को उनका 3 साल का कार्यकाल खत्म हो चुका हैं । वहीं पाकिस्तानी संसद ने सेना प्रमुख के कार्यकाल को 5 साल कर दिया था ऐसे में वे पद पर तो बने रहेंगे पर उनके CDF पद पर काबिज होने के मंसूबे में अभी अड़चनें सामने दिख रही हैं।
बता दें कि 29 नवंबर को आसिम मुनीर की पाकिस्तान आर्मी चीफ वाली अवधि खत्म हो गई, लेकिन पाक सरकार ने CDF नियुक्ति का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया। और पीएम शहबाज शरीफ ने अब तक इस पर साइन नहीं किए और शहबाज 27 नवंबर को अनौपचारिक यात्रा पर लंदन चले गए इसके बाद से कयास लगने शुरू हो गए कि शहबाज आसिम मुनीर को यह शक्तिशाली पद देने के इच्छुक नजर नहीं आ रहे हैं।
पाकिस्तान में बनाए गए 27वें संवैधानिक संशोधन के तहत CDF का पद बनाया गया है और इसकी कमान संभालने वाले आसिम मुनीर अब देश के इतिहास में सबसे शक्तिशाली सेना प्रमुख हो सकते हैं अगर ऐसा होता है तो। माना जा रहा है कि शहबाज शरीफ ने खुद को इस प्रक्रिया से इसलिए दूर कर लिया है ताकि उन्हें आसिम मुनीर की नई नियुक्ति वाले आदेश पर साइन न करने पड़े।
पाकिस्तान में पिछले महीने हुए संविधान संशोधन में चेयरमैन जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (CJCSC) की जगह CDF पद बनाया गया जो तीनों सेनाओं के बीच तालमेल मेंटेन करगा। सरकार ने 27वें संविधान संशोधन के ज़रिए CDF पद की शुरुआत की थी। CJCSC शाहिद शमशाद मिर्जा 27 नवंबर को रिटायर हो गए हैं उनके बाद अभी तक आसिम मुनीर CDF नहीं बन सके हैं। इसके पीछे शहबाज का नियुक्ति वाले आदेश पर साइन ना करना है। वहीं पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने CDF के अपॉइंटमेंट के लिए नोटिफिकेशन के बारे में अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि घोषणा सही समय पर की जाएगी।
पाकिस्तान में CDF अभी अस्तित्व में नहीं है पर वहां के रक्षा बजट में CDF की अहम भूमिका होगी। बताते है कि सेना, वायुसेना और नेवी के बजट कोऑर्डिनेशन में प्राथमिकताओं का निर्धारण करने में उसका रोल बेहद महत्वपूर्ण होगा और यह पद सेना प्रमुख (COAS) की शक्ति करेगा।
पाकिस्तान में 27वें संवैधानिक संशोधन के तहत CDF का पद बनाया गया और संविधान संशोधन का बेहद अहम हिस्सा है। नेशनल स्ट्रैटजिक कमांड यानी NSC का गठन, यह पाकिस्तान के परमाणु हथियारों और मिसाइल सिस्टम की निगरानी करने के साथ उसका नियंत्रण भी करेगी। अभी यह यह कमान नेशनल कमांड अथॉरिटी यानी NCA के पास थी, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री के पास थी। पर अब NSC के पास इसकी जिम्मेदारी होगी। यानी यह कहा जा सकता है कि पाकिस्तान के परमाणु हथियारों का नियंत्रण पूरी तरह सेना के हाथ में चला जाएगा। यही वजह मानी जा रही है कि शहबाज आसिम मुनीर को यह शक्तिशाली पद देने के इच्छुक नजर नहीं आ रहे हैं।
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