भारत के लिए Rafale-M क्यों जरूरी, जानें कितनी ताकत, कैसे साबित होगा गेम चेंजर?

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  • Updated Apr 28, 2025, 02:30 PM IST

भारत ने इस महीने की शुरुआत में 9 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक के दौरान 26 राफेल समुद्री लड़ाकू विमानों के लिए अपने अब तक के सबसे बड़े रक्षा सौदे को मंजूरी दी थी।

What is Rafale-M Deal: भारत सरकार और फ्रांस के बीच एक बड़ा रक्षा सौदा हुआ है जिसके तहत भारत को फ्रांस से 26 राफेल-एम लड़ाकू विमान मिलेंगे। ये सौदा कुल 63 हजार करोड़ रुपये का है। लड़ाकू विमान मिलने के बाद भारतीय नौसेना ताकत बढ़ जाएगी और दुश्मनों से निपटना आसान होगा। ये डील सरकार से सरकार (G2G) स्तर पर हुई है। इसके तहत भारतीय नौसेना को 22 सिंगल-सीटर और 4 ट्विन-सीटर राफेल M (Marine) फाइटर जेट्स मिलेंगे। ये एडवांस नेवल वर्जन के लड़ाकू विमान INS विक्रमादित्य और INS विक्रांत जैसे एयरक्राफ्ट कैरियर्स पर तैनात किए जाएंगे। आइए जानते हैं कि आज के परिदृश्य में ये डील भारत के लिए क्यों इतना जरूरी है और क्या है राफेल-एम की ताकत।

Rafale M

Rafale-M क्यों जरूरी

इस महीने की शुरुआत में सौदे को मंजूरी

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने इस महीने की शुरुआत में इस सौदे को मंजूरी दे दी थी। मिग-29के (MiG-29K) लड़ाकू विमानों के मौजूदा बेड़े ने रखरखाव समस्या और कई तकनीकी दिक्कतों के कारण भरोसेमंद साबित नहीं हो रही है। राफेल एम जेट मिलने से मौजूदा तस्वीर बदलने की उम्मीद है। राफेल जेल मिलने के बाद इन्हें भारतीय जरूरतों को पूरा करने के लिए अनुकूलित किया जाएगा। इनकी तैनाती आईएनएस विक्रांत पर होगी।

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