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Indigo के Flight ऑपरेशन में क्यों गहराया है संकट, जानें यात्रियों को मुसीबत से बचाने के लिए इंडिगो क्या उठा रही कदम?

Indigo Flight Crisis: इंडिगो की भारी तादाद में फ्लाइट्स कैंसिल हो गई हैं, आखिर इंडिगो फ्लाइट ऑपरेशन को लेकर क्यों गहराया है संकट? और कंपनी इससे निपटने को क्या उठा रही कदम जानें सब....

indigo flight crisis

Indigo Flight Operation संकट से बेहाल हैं यात्री

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो एक ऐसे अभूतपूर्व संकट से जूझ रही है जिसके बारे में कंपनी ने कभी सोचा भी नहीं होगा। एयरलाइन की भारी तादाद में फ्लाइटें कैंसिल (Indigo Flight Cancel) हो गईं। यह ऐसी घटना है जिससे विमानन कंपनी पर तो असर पड़ा ही है वहीं इंडिगो फ्लाइट में यात्रा करने वाले हजारों यात्री इस संकट से प्रभावित हैं। और उनका गुस्सा इंडिगो पर फूट रहा है क्योंकि इस संकट के चलते उनके तमाम जरूरी काम जैसे-कहीं जरूरी काम से जाना, मीटिंग्स, मेडिकल इमरजेंसी, ट्रैवल प्लॉन और एग्जाम, इंटरव्यू जैसे अहम कार्य इसके चलते प्रभावित हो गए हैं।

दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद से लेकर बेंगलुरु एयरपोर्ट तक घंटो से इंतजार कर रहे हवाई यात्री त्राहिमाम कर रहे हैं इंडिगो फ्लाइट ऑपरेशन को लेकर आखिर क्यों यह संकट सामने आया है और इसके पीछे की वजह क्या है कंपनी इससे कैसे निपट रही है यह जानने की कोशिश...

हजारों यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है

इंडिगो फ्लाइट का यह संकट 4 दिसंबर को लगातार तीसरे दिन को भी जारी रहा। एयरलाइन की 550 से अधिक घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द कर दिया गया जबकि कई उड़ानें देर से रवाना होने से हजारों यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। ताजा घटनाक्रम में इंडिगो ने 5 दिसंबर को 400 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल कर दी, जिससे अलग-अलग एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में यात्रियों पर असर हुआ है।

2006 में हुई थी IndiGo एयरलाइंस की स्थापना

इंडिगो (IndiGo) एक भारतीय एयरलाइन कंपनी है जिसका मुख्यालय भारत में गुडगांव में स्थित है। यह एक कम कीमत वाली यात्री सेवा तथा भारत की सबसे बड़ी विमानन सेवाओं में से है। इंडिगो फ्लाइट्स की मालिकाना हक राहुल भाटिया के इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज के पास है, और इसकी सह-स्थापना उन्होंने राकेश गंगवाल के साथ मिलकर की थी। इंडिगो एयरलाइन की स्थापना 2006 में हुई थी।

इंडिगो की भारी तादाद में फ्लाइट्स कैंसिल

इंडिगो की भारी तादाद में फ्लाइट्स कैंसिल

क्या है इंडिगो फ्लाइट संचालन संकट के कारण?

इंडिगो की उड़ानों में मौजूदा संकट के कई कारण बताए जा रहे हैं, जिनमें प्रमुख कारण नए पायलट ड्यूटी नियमों के कारण चालक दल की कमी और खराब योजना शामिल हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने पायलटों की थकान को कम करने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। इन नियमों के तहत, पायलटों के लिए साप्ताहिक आराम की अवधि बढ़ा दी गई है और रात में लैंडिंग की संख्या सीमित कर दी गई है। बताते हैं कि नए नियमों के लिए एयरलाइन को अधिक पायलटों की आवश्यकता थी, लेकिन इंडिगो समय पर पर्याप्त चालक दल की भर्ती या प्रशिक्षण नहीं कर पाई।

Delay और Cancellation जैसे ऑपरेशन-प्रॉब्लम

पायलटों की कमी का मतलब है कि हर शेड्यूल या उड़ान को पूरा करना मुश्किल होता है। जिससे Delay और Cancellation जैसे ऑपरेशन-प्रॉब्लम सामने आते हैं। वहीं इन मुख्य मुद्दों के साथ-साथ, तकनीकी खराबी, सर्दियों के मौसम के कारण हवाईअड्डों पर भीड़भाड़ और खराब मौसम जैसी अन्य समस्याओं ने भी स्थिति को बिगाड़ दिया।

यात्रियों का गुस्सा Indigo पर फूट रहा है

यात्रियों का गुस्सा Indigo पर फूट रहा है

20 साल पुरानी एयरलाइन के नाम ये नया रिकॉर्ड

इंडिगो फ्लाइट को लेकर संकट और गहरा गया है। ताजा घटनाक्रम में बताया गया कि 5 दिसंबर को दिल्ली एयरपोर्ट से रवाना होने वाली इंडिगो की सभी फ्लाइट्स रात 12 बजे तक कैंसिल कर दी गई हैं। जबकि बेंगलुरु हवाई अड्डे पर 100 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं। हैदराबाद हवाई अड्डे पर 90 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं। अन्य हवाई अड्डों पर भी उड़ानें रद्द की गईं और कई उड़ानों में विलंब हुआ। देश की 20 साल पुरानी एयरलाइन इंडिगो ने 4 दिसंबर को 550 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दीं, एक दिन में इतनी बड़ी संख्या में फ्लाइट्स रद्द होना एयरलाइन के नाम ये नया रिकॉर्ड है।

एयरपोर्ट अथॉरिटी ने हवाई यात्रियों को एडवाइजरी जारी की

इंडिगो के इस जारी संकट के बीच दिल्ली एयरपोर्ट अथॉरिटी ने हवाई यात्रियों को एडवाइजरी जारी की है उसने यात्रियों को घर से निकलने के पहले फ्लाइट का स्टेटस चेक करने की सलाह दी है, जिससे उन्हें फ्लाइट कैंसिल होने या उसमें काफी ज्यादा देरी की असुविधाओं से बचा जा सके।

हवाई यात्रियों को एडवाइजरी जारी

हवाई यात्रियों को एडवाइजरी जारी

इस भारी परेशानी से उबरने के लिए IndiGo उठा रही यह कदम

इंडिगो अपनी स्थापना के बाद से अभी तक के इस अभूतपूर्व संकट से उबरने के लिए कदम उठा रही हैं। बताते हैं कि IndiGo नए पायलटों, फर्स्ट ऑफिसर और कैबिन क्रू की भर्ती बढ़ा रही है। क्रू की कमी (Crew Shortage) को दूर किया जा सके। वहीं Grounded विमान व इंजन की मरम्मत, तकनीकी सुधार और प्‍लानिंग द्वारा सुनिश्चित करना कि जितने विमान उड़ान के लिए हैं, वे टिकाऊ हों। फ्लाइट शेड्यूल ऐडजस्ट करके उतनी उड़ानें शेड्यूल की जा रही हैं जितनी वास्तविक संसाधन जुटाए जा सकते हैं, जिससे Over Scheduling से बचा जाए। ग्राउंड-इंफ्रास्ट्रक्चर एवं लॉजिस्टिक्स सुधार पर भी काम कर रही है, ग्राउंड स्टाफ, एयरपोर्ट कोऑर्डिनेशन, हैंडलिंग टाइम, टर्नअराउंड टाइम आदि में सुधार लाना ताकि टेकऑफ/ लैंडिंग सुचारू रूप से हो। कैंसिल/लेट फ्लाइट के लिए यात्रियों को बेहतर विकल्प देना, विकल्प सुझाना, वाउचर या रिफंड जैसे विकल्प देना आदि पर काम रही है। वहीं इंडिगो ने DGCA को बताया कि उड़ान संचालन 10 फरवरी, 2026 तक पूरी तरह से स्थिर होने की उम्मीद है।

रवि वैश्य
रवि वैश्य author

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों... और देखें

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