Mohammad Yousuf Katari : पहलगाम आतंकवादी हमले में शामिल आतंकियों को सुरक्षाबलों ने पहले ही ढेर कर दिया है। अब इन आतंकियों को रसद मुहैया कराने वाला शख्स भी बुधवार को हत्थे चढ़ गया। इस युवक की पहचान 26 वर्षीय यूसुफ कटारी के रूप में हुई है। खुफिया सूचना पर इसे दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले से गिरफ्तार किया गया। बीते 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में एक नेपाली नागरिक सहित 26 लोगों की मौत हुई। कटारी की गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों ने उसके बारे में जानकारी दी है।
पहलगाम आतंकियों को रसद मुहैया कराया था। तस्वीर-ANI
कौन है मोहम्मद यूसुफ कटारी
- अधिकारियों के मुताबिक कटारी पेशे से शिक्षक है। शिक्षक होने के साथ-साथ वह कुलगाम में आतंकियों के लिए ओवर ग्राउंड वर्कर के रूप में भी काम करता था।
- समझा जाता है कि कटारी आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा से जुड़ा है।
- अधिकारियों का कहना है कि पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में शामिल आतंकियों को रसद एवं लॉजिस्टिक मदद पहुंचाने में उसकी भूमिका थी। ये आतंकवादी बाद में 'ऑपरेशन महादेव' के दौरान मार दिए गए।
- अधिकारियों का कहना है कि मारे गए आतंकियों के पास से मिले हथियारों एवं उपकरणों की जांच के बाद कटारी संदेह के घेरे में आया।
22 मई को ऑपरेशन महादेव की शुरुआत
पहलगाम में हमला करने वाले आतंकियों को निष्क्रिय करने के लिए सुरक्षाबलों ने 22 मई को 'ऑपरेशन महादेव' की शुरुआत की। यह ऑपरेशन तब शुरू हुआ जब सेना को श्रीनगर के दाचीगाम में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली। इस ऑपरेशन में पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड सहित तीन आतंकवादी मारे गए।
हमले में हथियारों के इस्तेमाल की हुई पुष्टि
घटनास्थल से एके-47 एवं एम 9 असाल्ट राइफल सहित अन्य हथियार एवं गोला-बारूद बरामद हुए। अधिकारियों ने कहा कि इन हथियारों को जांच के लिए चंडीगढ़ की प्रयोगशाला में भेजा गया और उसकी रिपोर्ट में इन हथियारों के पहलगाम हमले में इस्तेमाल होने की पुष्टि हुई।
हमले में लश्कर, जैश के मुख्यालय हुए बर्बाद
पहलगाम आतंकी हमला 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद सबसे भीषण हमला था। पहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के ही संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट ने ली। पहलगाम आतंकवादी हमले का बदला लेने के लिए भारत ने छह-मई की दरम्यानी रात 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया। पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों के कुल 9 ठिकानों को निशाना बनाकर हमले हुए। इन हमलों में लश्कर ए तैयबा और जैश ए मोहम्मद के मुख्यालय भी बर्बाद हुए। इसके बाद पाकिस्तान ने भारत के रिहायशी एवं सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए ड्रोन एवं मिसाइलों से हमले किए। हालांकि, उसके 99 प्रतिशत हमलों को भारतीय वायु रक्षा प्रणालियों ने नाकाम कर दिया।
10 मई पाक ने सीजफायर का अनुरोध किया
इसके बाद भारती वायु सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के करीब दर्जन भर एयरबेस को तबाह कर दिया। IAF के हमलों में पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचा। भारत की जवाबी कार्रवाई से बचने के लिए पाकिस्तान ने 10 मई को सीजफायर का अनुरोध किया जिसके बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' स्थगित किया। इस सीजफायर के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' बंद नहीं हुआ है, इसे फिलहाल रोका गया है।
