Annalena Baerbock India Visit: संयुक्त राष्ट्र महासभा की 80वीं अध्यक्ष एनालेना बेरबॉक भारत की आधिकारिक यात्रा के लिए आज दिल्ली पहुंचीं। अपनी यात्रा के दौरान वह भारतीय नेताओं के साथ वर्तमान वैश्विक मुद्दों और बहुपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करने के महत्व पर चर्चा करेंगी। संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष के रूप में यह उनकी पहली यात्रा है। इससे पहले वे जर्मनी की विदेश मंत्री के रूप में भारत की यात्रा कर चुकी हैं।
एनालेना बेरबॉक
कौन हैं एनालेना बेरबॉक?
एनालेना शार्लोट अल्मा बेरबॉक का जन्म 15 दिसंबर 1980 को जर्मनी के हनोवर में हुआ था। वह जर्मनी की राजनयिक और एलायंस 90/द ग्रीन्स पार्टी की नेता हैं। उन्होंने 2021 से 2025 तक जर्मनी की विदेश मंत्री के रूप में कार्य किया है। 9 सितंबर 2025 से वे संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र की अध्यक्ष हैं।
2018 से जनवरी 2022 तक बेरबॉक ने रॉबर्ट हैबेक के साथ एलायंस 90/द ग्रीन्स की सह-नेता के रूप में कार्य किया। वे 2021 के संघीय चुनाव में पार्टी की ओर से चांसलर पद की उम्मीदवार थीं। बेरबॉक के स्थान पर एसपीडी के ओलाफ स्कोल्ज चांसलर बने। चुनाव के बाद ग्रीन्स ने ओलाफ स्कोल्ज के नेतृत्व में एक ट्रैफिक लाइट गठबंधन बनाया, और 8 दिसंबर 2021 को बेरबॉक ने जर्मनी की पहली महिला विदेश मंत्री के रूप में शपथ ली।
1980 में पश्चिम जर्मनी के हनोवर में जन्मीं बेरबॉक ने हैम्बर्ग विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस से शिक्षा प्राप्त की है। वह पहली बार 2013 में बुंडेस्टैग के लिए चुनी गईं। 2012 से 2015 तक, वह एलायंस 90/द ग्रीन्स की पार्टी परिषद की सदस्य रहीं और 2009 से 2013 तक, ब्रैंडेनबर्ग राज्य में अपनी पार्टी के समूह की नेता रहीं।
अब तक का सफर ...
अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद बेरबॉक ने 2005 से 2008 तक यूरोपीय सांसद एलिजाबेथ श्रोएटर के कार्यालय में काम किया। 2008 और 2009 में, उन्होंने बुंडेस्टैग में एलायंस 90/द ग्रीन्स के संसदीय समूह के लिए विदेश और सुरक्षा नीतियों पर सलाहकार के रूप में काम किया। बेरबॉक 2005 में एलायंस 90/द ग्रीन्स की सदस्य बनीं। अक्टूबर 2008 में उन्हें ब्रैंडेनबर्ग में अपनी पार्टी के राज्य समूह के कार्यकारी बोर्ड के लिए चुना गया। अगले वर्ष उन्होंने स्का केलर के बाद बोर्ड की सह-अध्यक्ष (बेंजामिन राश्के के साथ) का पद संभाला, जिस पद पर वे 2013 तक रहीं। बेरबॉक ने 2008 से 2013 तक यूरोपीय मामलों पर ग्रीन पार्टी के कार्य समूह के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में कार्य किया। 2009 से 2012 तक, वह सह-अध्यक्ष फिलिप लैम्बर्ट्स और मोनिका फ्रासोनी के नेतृत्व में यूरोपीय ग्रीन पार्टी के कार्यकारी बोर्ड की सदस्य थीं।
भारत और चीन से मिला आमंत्रण
उनके कार्यालय द्वारा सोमवार को जारी एक मीडिया विज्ञप्ति में कहा गया, चूंकि भारत और चीन संयुक्त राष्ट्र और बहुपक्षवाद के दो प्रमुख समर्थक हैं, इसलिए महासभा की अध्यक्ष वर्तमान वैश्विक मुद्दों और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करेंगी और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का पालन करने, संयुक्त राष्ट्र को मजबूत करने और संयुक्त राष्ट्र के तीनों स्तंभों पर बहुपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करने के महत्व पर जोर देंगी।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र की अध्यक्ष बेरबॉक 29-30 अप्रैल को चीन की यात्रा पर जाएंगी। उनके कार्यालय ने बताया कि ये यात्राएं क्रमशः भारत और चीन की सरकारों के निमंत्रण पर हो रही हैं। भारत में बेयरबॉक विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगी और भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के प्रतिनिधियों तथा भारत में संयुक्त राष्ट्र की कंट्री टीम से भी मुलाकात करेंगी।
चीन में वह उपराष्ट्रपति हान झेंग और विदेश मंत्री वांग यी के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगी। वह चीन में संयुक्त राष्ट्र की कंट्री टीम से भी मिलेंगी। इससे पहले इसी साल फरवरी में, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के लिए भारत आए थे।
