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कब तक सामान्य होंगी IndiGo की उड़ानें, कितनी उड़ानें रद्द, यात्रियों को मिला कितना रिफंड?

IndiGo उड़ानें रद्दे होने से यात्री परेशान हैं और कई लोगों को अभी तक अपनी रद्द उड़ानों का रिफंड नहीं मिला है। आखिर कब तक सामान्य होंगी इंडिगो की उड़ानें, यात्रियों को अब तक कितना रिफंड मिला और कंपनी को कितना नुकसान हुआ, विस्तार से जानते हैं।

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IndiGo की उड़ानों पर ब्रेक से यात्री हलकान
Authored by: अमित कुमार मंडल
Updated Dec 9, 2025, 15:25 IST
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भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन एक और मुश्किल दौर से गुजर रही है। देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर इंडिगो के यात्रियों को लगातार उड़ानें रद्द और देरी का सामना करना पड़ रहा है। संकट के आठवें दिन भी हवाई यात्रा रद्द होने का सिसलिसा जारी है। सोमवार 8 दिसंबर तक एयरलाइन ने 400 से ज्यादा उड़ानें रद्द की थीं। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे जगहों पर इसका भारी असर देखा गया। हालांकि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने अब उन नियमों में बदलाव वापस ले लिए हैं जिनके कारण कर्मचारियों की कमी हुई थी, लेकिन पिछले हफ्ते की अव्यवस्था अभी भी बनी हुई है। यात्री अभी भी इसका खामियाजा भुगत रहे हैं। कई लोग सुबह-सुबह हवाई अड्डों पर पहुंच रहे हैं, तो उन्हें पता चलता है कि उनकी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, या उन्हें किसी स्पष्ट जानकारी के बिना ही रद्द कर दिया गया है या देरी से चलाया जा रहा है। कई लोगों को अभी तक अपनी रद्द उड़ानों का रिफंड नहीं मिला है। आखिर कब तक सामान्य होंगी इंडिगो की उड़ानें, यात्रियों को अब तक कितना रिफंड मिला और कंपनी को कितना नुकसान हुआ, विस्तार से जानते हैं।

इंडिगो की कितनी उड़ानें रद्द हुईं?

इंडिगो का परिचालन सोमवार को भी दबाव में रहा, देश भर में अनुमानित 400-500 उड़ानें रद्द हुईं। मंगलवार को भी उड़ानों में देरी हो रही है और कई उड़ानें रद्द भी हुई हैं। यात्री परेशान है, उनके बैगेज भी फंसे हुए हैं। पूरे दिन प्रमुख हवाई अड्डों पर इसका असर रहा। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सबसे ज़्यादा उड़ानें रद्द। यहां 75 प्रस्थान और 59 आगमन वाली उड़ानें रद्द हुईं, कुल 134 उड़ानें रद्द हुईं। बेंगलुरु हवाई अड्डे पर भी ऐसी ही स्थिति रही, जहां 127 उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें 65 आगमन वाली और 62 प्रस्थान वाली उड़ानें शामिल थीं। हैदराबाद भी पीछे नहीं रहा। हवाई अड्डे के अधिकारियों ने पुष्टि की कि इंडिगो की 77 उड़ानें प्रभावित हुईं, जिनमें 38 आगमन वाली और 39 प्रस्थान वाली उड़ानें शामिल थीं। चेन्नई में 71 रद्दीकरण, 38 प्रस्थान वाली और 33 आगमन वाली उड़ानें शामिल थीं, जबकि अहमदाबाद में सुबह 8 बजे तक इंडिगो की 18 उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें से नौ आगमन वाली और नौ प्रस्थान वाली उड़ानें शामिल थीं।आज (मंगलवार) भी कई उड़ानें रद्द हुईं। खबर लिखे जाने तक इंडिगो ने मंगलवार को बेंगलुरु और हैदराबाद से लगभग 180 उड़ानें रद्द कर दीं। इंडिगो मंगलवार को हैदराबाद आने-जाने वाली 58 उड़ानें संचालित नहीं कर रही है। इनमें से 14 आगमन और 44 प्रस्थान वाली हैं। बेंगलुरु हवाई अड्डे पर रद्द उड़ानों की संख्या 121 रही, जिनमें से 58 आगमन और 63 प्रस्थान वाली हैं।

अब तक कितना रिफंड दिया गया?

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि अब तक कुल 745 करोड़ रुपये का रिफंड किया जा चुका है, और इंडिगो ने देश भर में यात्रियों को 3,000 सामान पहुंचाया है। विमानन मंत्री ने दूरदर्शन समाचार चैनल से कहा कि एक से आठ दिसंबर (शाम पांच बजे तक) तक रद्द किए गए 7,30,655 पीएनआर के लिए 745 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा 9,000 यात्रियों के बैगों में से 6,000 वापस किए जा चुके हैं और बाकी बैग आज रात या मंगलवार सुबह तक दे दिए जाएंगे। केंद्रीय मंत्रालय के अनुसार, इंडिगो को समर्पित यात्री सहायता और रिफंड सुविधा केंद्र स्थापित करने के लिए भी कहा गया है। इन टीमों को प्रभावित यात्रियों से संपर्क करके रिफंड पूरा करना होगा या बार-बार फॉलो-अप की जरूरत के बिना वैकल्पिक यात्रा विकल्पों की व्यवस्था करनी होगी। स्वचालित रिफंड की प्रणाली तब तक सक्रिय रहेगी जब तक परिचालन पूरी तरह से स्थिर नहीं हो जाता। इस बीच, इंडिगो उड़ान संकट से प्रभावित यात्रियों के लिए जमीनी सहायता और रिफंड की मांग करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। अदालत अब बुधवार को इस मामले की सुनवाई के लिए सहमत हो गई है, हालांकि उसने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर पहले ही कुछ निर्देश जारी कर चुकी है।

कब तक सामान्य होंगी इंडिगो की उड़ानें?

इंडिगो को ओर से कहा गया है कि उसकी उड़ानें 10 दिसंबर तक सामान्य हो पाएंगी। हालांकि, आज 9 दिसंबर है और बड़े पैमान पर आज भी उड़ानें रद्द हुई हैं। परिचालन सामान्य करने को लेकर कंपनी लगातार दबाव में है। उधर, इंडिगो, नागरिक उड्डयन महानिदेशक के कारण बताओ नोटिस का जवाब देगी, जिसमें सीईओ पीटर एल्बर्स से उन रद्दीकरणों के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया है जिनसे उसकी लगभग आधी उड़ानें प्रभावित हुई हैं। अपने नोटिस में नियामक ने कहा कि एयरलाइन ने योजना, पर्यवेक्षण और संसाधन प्रबंधन में गंभीर कमियां दिखाईं, जिसके परिणामस्वरूप सेवाओं में बड़ी बाधाएं आईं। डीजीसीए ने आगे कहा कि इस अफरातफरी का मुख्य कारण इंडिगो द्वारा उड़ान ड्यूटी समय सीमा के तहत नए थकान-प्रबंधन नियमों के साथ कर्मचारियों और क्रू दल के रोस्टर को तैयार करने में नाकामी थी।

सरकार का सख्त रुख

इंडिगो संकट पर लोकसभा में केंद्रीय विमानन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने दोहराया कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। नायडू ने कहा कि इंडिगो परिचालन तेजी से स्थिर हो रहा है, सुरक्षा पूरी तरह से लागू है, इंडिगो को जवाबदेह ठहराया जा रहा है। यात्रियों की सुविधा और सम्मान की रक्षा की जा रही है, और भारत के विमानन क्षेत्र को और अधिक यात्री-केंद्रित बनाने के लिए दीर्घकालिक उपाय किए जा रहे हैं। लेकिन मंत्री के इस जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं दिखा और सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए जमकर हंगामा किया। राम मोहन नायडू ने कहा, किसी भी एयरलाइन को, चाहे वह कितनी भी बड़ी क्यों न हो, योजना की विफलताओं या नियमों का पालन न करने के कारण यात्रियों को ऐसी परेशानी देने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इंडिगो की बाधाएं दूर हो रही हैं; देश भर में अन्य सभी एयरलाइनें सुचारू रूप से चल रही हैं। देश भर के हवाई अड्डों पर सामान्य स्थिति की सूचना है, कोई भीड़ या परेशानी नहीं है। रिफंड, सामान की खोज और यात्री सहायता उपाय मंत्रालय की निगरानी में हैं। डीजीसीए ने इंडिगो के वरिष्ठ नेतृत्व को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और एक विस्तृत जांच शुरू की गई है।

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर, सख्त और उचित कार्रवाई की जाएगी। किसी भी एयरलाइन को, चाहे वह कितनी भी बड़ी क्यों न हो, योजना की विफलताओं या नियमों का पालन न करने के कारण यात्रियों को ऐसी परेशानी देने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नायडू ने कहा कि हम इंडिगो के रूट को कम करेंगे। वे अभी 2,200 उड़ानें संचालित कर रहे हैं। हम उन्हें निश्चित रूप से कम करेंगे। नायडू ने सोमवार को डीडी न्यूज से कहा, हम निश्चित रूप से उन रूटों की संख्या कम करेंगे, जो इंडिगो के (शीतकालीन) शेड्यूल में हैं। इस संबंध में आदेश जारी किया जाएगा। यह एयरलाइन पर एक तरह का जुर्माना होगा, क्योंकि वे उन रूटों पर उड़ान नहीं भर पाएंगे।

इंडिगो को कितना नुकसान?

उड़ानों के रद्द होने से इंडिगो को भारी नुकसान हो रहा है। न सिर्फ उसे करोड़ों का वित्तीय नुकसान हुआ है, बल्कि साख पर भी गहरा बट्टा लगा है। इंडिगो के शेयरों में सोमवार को भी गिरावट जारी रही और कारोबारी सत्र के दौरान लगभग 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। पिछले हफ्ते उड़ानें रद्द होने की भारी संख्या के कारण एयरलाइन को लगातार सातवें दिन घाटा हुआ। इस दौरान इंडिगो का बाजार मूल्य लगभग 36,000 करोड़ रुपये कम हो गया। दिलचस्प बात यह है कि इंडिगो संकट के बीच स्पाइसजेट के शेयरों में तेजी आई है। उसके शेयरों में 12 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई, जो लगातार दूसरे दिन भी जारी रही क्योंकि इंडिगो में चल रही रुकावटों के बीच यात्रियों ने वैकल्पिक एयरलाइनों की ओर रुख किया। राहुल भाटिया द्वारा नियंत्रित एयरलाइन 90 से अधिक घरेलू गंतव्यों और 40 से अधिक विदेशी गंतव्यों से रोजाना 2,200 से अधिक उड़ानें संचालित करती है।

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