ट्रंप पर जेलेंस्की लुटाएंगे अपनी खनिज संपदा का 'खजाना'? जानिए क्यों खास हैं ये मिनरल, कहां होता है इनका इस्तेमाल

Ukraine Minerals Deal: जियोलॉजिकल इन्वेस्टमेंट ग्रुप के मुताबकि दुनिया भर में जितने भी रेयर मिनरल्स हैं, उन 75 प्रतिशत मिनरल्स पर नियंत्रण चीन का है। यानी इस दुर्लभ खनिज संपदा पर चीन का एक तरह से एकाधिकार है। इसलिए अमेरिका, चीन पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है।

Ukraine Minerals Deal: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की शुक्रवार को वाशिंगटन पहुंच रहे हैं। यहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से होनी है। जाहिर है कि दोनों नेताओं के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए उस पीस डील पर चर्चा होगी जिस पर अमेरिका और रूस बीते दिनों सऊदी अरब में एक दौर की बैठक कर चुके हैं। इसके अलावा जेलेंस्की जब ट्रंप के सामने होंगे तो वे यूक्रेन की सुरक्षा, अमेरिकी हथियारों की आपूर्ति और आर्थिक मदद पर बात कर सकते हैं। जेलेंस्की की इस यात्रा की एक सबसे अहम बात यूक्रेन की खनिज संपदा पर अमेरिका के साथ होने वाला करार भी है। बताया जा रहा है कि इस डील के लिए ट्रंप बहुत जोर दे रहे हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका ने सैन्य, आर्थिक और मानवीय मदद के रूप में यूक्रेन को अब तक जो भारी भरकम सैकड़ों अरबों डॉलर दिए हैं, ट्रंप अब उसकी कीमत चाह रहे हैं।

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व्हाइट हाउस में ट्रंप से होगी जेलेंस्की की मुलाकात।

यूक्रेन के बेशकीमती 'खजाने' पर है ट्रंप की नजर

ट्रंप चाहते हैं कि इस मदद के बदले यूक्रेन अब उन्हें कुछ लौटाए। ट्रंप की नजर यूक्रेन की उस खनिज संपदा पर है, जिसे रेयर मिनरल्स कहा जा रहा है। ऐसा मिनरल जो दुनिया में बहुत कम है लेकिन जिसकी उपयोगिता बहुत ज्यादा है। ये मिनरल्स ऐसे हैं जिनका इस्तेमाल हवाई जहाज, पावर स्टेशन, इलेक्ट्रानिक बैटरीज, न्यूक्लियर हथियार, टरबाइन और रिएक्टर बनाने में होता है। यानी ये खनिज संपदाएं बहुत कीमती हैं लेकिन दुनिया में इनकी मात्रा बहुत कम है। दुनिया में कुछ ही चुनिंदा देश हैं जिनके पास ये मिनरल्स हैं और यूक्रेन भी उनमें से एक है। ट्रंप की नजर यूक्रेन के इसी बेशकीमती खजाने पर है। वह इसे हासिल करना चाहते हैं और अपने इरादे में कामयाब भी होते दिख रहे हैं। दरअसल, 20 जनवरी के बाद ट्रंप ने रूस और यूक्रेन युद्ध पर ऐसी पलटी मारी है कि यूक्रेन के साथ-साथ यूरोप के होश उड़ गए हैं। जिस अमेरिकी दम पर जेलेंस्की आखिरी यूक्रेनी तक युद्ध लड़ने की बात कह रहे थे, अब वह शांति और पीस डील चाहते हैं। ट्रंप ने इनकी गलतफहमी दूर कर दी है। ट्रंप ने साफ कह दिया है कि युद्ध के लिए पैसा और हथियार अब वह नहीं देने वाले। रूस के साथ पीस डील करने का वह दबाव बना रहे हैं।

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