क्या है बंगाल का ‘फर्जी सिग्नेचर’ मामला, जिससे TMC के अंदर ही पड़ गई फूट? समझें अभिषेक बनर्जी पर क्यों उठ रहे सवाल

Signature Forgery Case: पश्चिम बंगाल में कथित सिग्नेचर फर्जीवाड़ा मामले ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रही अंदरूनी कलह को खुलकर सामने ला दिया है। विवाद उस प्रस्ताव को लेकर है, जिसके जरिए शोभनदेब चटर्जी को विधानसभा में विपक्ष का नेता बनाने के लिए विधायकों का समर्थन दिखाया गया था। आरोप है कि प्रस्ताव में कुछ ऐसे विधायकों के हस्ताक्षर शामिल थे, जिन्होंने दावा किया कि उन्होंने उस दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए थे या उस बैठक में मौजूद ही नहीं थे।

Signature Forgery Case: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुले संघर्ष में बदलती दिखाई दे रही है। इसी बीच एक कथित “सिग्नेचर फर्जीवाड़ा”सामने आया है, जिसने पार्टी लीडरशिप को मुश्किल में डाल दिया है।

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सिग्नेचर फर्जीवाड़ा मामले की वजह से टीएमसी के भीतर कलह की स्थिति पैदा हो गई है। AI IMAGE

दरअसल, मामला है कि ‘शोभनदेब चटर्जी’ को विपक्ष का नेता बनाने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया गया, जिसमें कई सिग्नेचर ‘फर्जी’ पाए गए। तृणमूल कांग्रेस को शोभनदेब चटर्जी को विपक्ष का नेता बनाने के लिए 70 विधायकों के सिग्नेचर की जरूरत थी। जैसे ही यह प्रस्ताव खड़ा हुआ, कई विधायकों ने यह दावा किया कि उन्होंने उस पर साइन नहीं किया था।

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