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क्या है अमेरिका की 'आव्रजन नीति', ट्रंप ने दिए बदलाव के संकेत, कितना पड़ेगा असर?

अमेरिका में आव्रजन नीति को और सख्त करने की तैयारी तेज हो गई। इस बात का संकेत डोनाल्ड ट्रंप ने दिया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका शरण प्रक्रियाओं को लंबे समय तक रोक सकता है। जानिए US Immigration Policy किस प्रकार की है और उसमें क्या प्रावधान हैं...

US Immigration Policy

अमेरिका में आव्रजन नीति को और सख्त करने की तैयारी तेज

अमेरिका की आव्रजन नीति (US Immigration Policy) चर्चा में है। वजह है अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान जिसमें उन्होंने कहा है कि उनका इरादा 'लंबे समय तक शरण' देने पर रोक लगाने का है। आखिर ट्रंप ने क्यों ऐसा कहा और अमेरिका की 'इमिग्रेशन नीति' में बदलाव करने की बात कहां से उठी। बता दें कि अमेरिका की इमिग्रेशन पॉलिसी दुनिया की सबसे जटिल और बहु-स्तरीय नीतियों में से एक मानी जाती है। जिसमें थोड़ा-बहुत भी बदलाव भारी संख्या में लोगों को प्रभावित करेगा। अमेरिकी इमिग्रेशन नीति एक अत्यधिक राजनीतिक मुद्दा है और वहां पर प्रशासन बदलने के साथ नीतियों में बड़े बदलाव होते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पूर्व प्रेसिडेंट जो बाइडेन के एडमिनिस्ट्रेशन के तहत मंज़ूर किए गए असाइलम केस (Asylum Cases) और 19 देशों के नागरिकों को जारी किए गए ग्रीन कार्ड (Green Card) की बड़े पैमाने पर रिव्यू का आदेश दिया है।

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ताजा घटनाक्रम में अमेरिकी प्रशासन द्वारा देश की आव्रजन नीति पर कई कदम उठाए जाने के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि 'उनका इरादा लंबे समय तक शरण देने पर रोक लगाने का है।' ट्रंप ने व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी के आरोपी अफगान नागरिक का जिक्र करते हुए कहा, 'ये वो लोग हैं जिन्हें हमारे देश में नहीं रहना चाहिए, इनमें सोमालियाई और कई अन्य लोग शामिल हैं।' शरण पर रोक की अवधि के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि 'यह लंबे समय तक रहेगा, कोई समय सीमा नहीं। हम ऐसे लोगों को नहीं चाहते। हमारे पास पहले से ही बहुत सारी समस्याएं हैं।'

अमेरिका में नागरिकता, स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड), और अस्थायी वीजा ये तीन बड़ी श्रेणियां-

1-वीजा (Visa)-अस्थायी प्रवेश का अधिकार देता है (काम, पढ़ाई, यात्रा आदि के लिए)।

2-ग्रीन कार्ड -स्थायी निवास का अधिकार देता है।

3-नागरिकता (Citizenship)- ग्रीन कार्ड के बाद कुछ शर्तों पर आवेदन करके मिलती है।

कैसी है अमेरिका की इमिग्रेशन पॉलिसी (How is US Immigration Policy)

अमेरिका की इमिग्रेशन पॉलिसी एक जटिल प्रणाली है जो मुख्य रूप से परिवार-आधारित आप्रवासन, रोजगार-आधारित आप्रवासन और मानवीय सहायता पर केंद्रित है। संघ की नीति संयुक्त राज्य अमेरिका में आप्रवासन और संयुक्त राज्य अमेरिका की नागरिकता की देखरेख और विनियमन करती है । संयुक्त राज्य अमेरिका की आप्रवासन नीति पर संयुक्त राज्य कांग्रेस का अधिकार है, और यह इसके प्रवर्तन का कार्य गृह सुरक्षा विभाग को सौंपती है।

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अमेरिकी इमिग्रेशन प्रणाली के प्रमुख स्तंभ (Key Components)-

अमेरिकी इमिग्रेशन पॉलिसी 4 प्रमुख सिद्धांतों पर चलती है:- परिवार-आधारित इमिग्रेशन, रोजगार/कौशल-आधारित इमिग्रेशन, मानवीय संरक्षण और विविधता बढ़ाना

# परिवार-आधारित आप्रवासन (Family Reunification): यह अमेरिकी इमिग्रेशन नीति का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है, जो अमेरिकी नागरिकों और स्थायी निवासियों (ग्रीन कार्ड धारकों) को कुछ परिवार के सदस्यों को प्रायोजित करने की अनुमति देता है।

अमेरिकी नागरिकों के तत्काल करीबी रिश्तेदारों (जैसे पति/पत्नी, अवयस्क बच्चे और माता-पिता) के लिए कोई संख्यात्मक सीमा नहीं है।

अन्य परिवार-आधारित श्रेणियों के लिए कोटा और लंबी प्रतीक्षा अवधि होती है, जो आवेदक के देश पर भी निर्भर करती है।

# रोज़गार-आधारित आप्रवासन (Employment-Based Immigration): यह श्रेणी कुशल कर्मचारियों, निवेशकों और विशेष व्यवसायों (जैसे H-1B वीज़ा धारक) के लिए है।

प्रतिवर्ष लगभग 140,000 वीज़ा उपलब्ध होते हैं। H-1B वीज़ा जैसी श्रेणियों में अत्यधिक कुशल विदेशी श्रमिकों को आकर्षित करने के लिए कोटा होता है, खासकर STEM क्षेत्रों में।

# विविधता वीजा कार्यक्रम (Diversity Visa Program): यह एक लॉटरी प्रणाली है जो उन देशों के नागरिकों को 55,000 स्थायी निवासी वीज़ा प्रदान करती है, जिनका अमेरिका में ऐतिहासिक रूप से आप्रवासन दर कम रहा है।

# शरणार्थी और शरण (Refugees and Asylum): अमेरिका उन व्यक्तियों को सुरक्षा प्रदान करता है जो उत्पीड़न या हिंसा के कारण अपने देश लौटने में असमर्थ हैं। हाल के वर्षों में सीमा सुरक्षा और शरण आवेदनों पर नीतियों में महत्वपूर्ण बदलाव देखे गए हैं।

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ऐसे देशों की संख्या 19 से ज्यादा होने की संभावना

ट्रंप ने ऐसे देशों की संख्या के बारे में विस्तार से नहीं बताया, लेकिन उन्होंने कहा कि यह संख्या 19 से ज्यादा होने की संभावना है। उन्होंने कहा, 'वे अच्छे देश नहीं हैं। वे अपराध से ग्रस्त देश हैं। वे ऐसे देश हैं जो सफलता के नजरिए से दर्ज नहीं होते। सच कहूं तो, हमें अपने देश में उनके लोगों की जरूरत नहीं है जो हमें बताएं कि क्या करना है।'

इसके लिए बाइडन-हैरिस को ठहराया जिम्मेदार

ट्रंप ने ट्रुथ पर लिखा- 'धूर्त जो बाइडेन, मेयरकास और कमला हैरिस ने किसी को भी और सभी को पूरी तरह से अनियंत्रित और बिना किसी जांच के आने देकर हमारे देश को सचमुच बर्बाद कर दिया है। होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने भी पूर्ववर्ती बाइडन प्रशासन पर लकनवाल जैसे अप्रवासियों को देश में आने देकर राष्ट्रीय आत्म-विनाश करने का आरोप लगाया। विभाग ने आगे कहा कि अफगान नागरिकों के लिए आव्रजन अनुरोध अनिश्चित काल के लिए निलंबित कर दिए गए हैं। डीएचएस सचिव क्रिस्टी नोएम ने व्हाइट हाउस गोलीबारी में नेशनल गार्ड सदस्य स्पेक सारा बेकस्ट्रॉम की हत्या के लिए पूर्ववर्ती जो बाइडन प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।'

Trump on US Immigration Policy

अगर ट्रंप ऐसा करते हैं तो क्या होंगे उसके संभावित असर

यह कदम एक गहन बदलाव को दिखाता है जिसका असर न केवल शरण चाहने वालों और प्रवासियों पर, बल्कि अमेरिकी समाज, अर्थव्यवस्था और वैश्विक मानवाधिकार मानकों पर भी पड़ेगा। जो लोग उत्पीड़न या हिंसा से भागकर अमेरिका में शरण मांग रहे हैं, उनके लिए कानूनी रास्ते लगभग बंद हो जाएंगे या बहुत मुश्किल हो जाएंगे।वहीं इस नीति के साथ-साथ, अवैध रूप से रह रहे लाखों प्रवासियों के बड़े पैमाने पर निर्वासन अभियान चलाने की भी योजना है, जिससे अप्रवासी समुदायों में अनिश्चितता और भय का माहौल बनेगा। इस तरह की व्यापक रोक को अदालतों में गंभीर कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

वहीं प्रशासन का तर्क है कि इससे अवैध प्रवेश खत्म होगा और देश की सुरक्षा मजबूत होगी, लेकिन इससे सीमा पर मानवीय संकट गहरा सकता है। उधर संयुक्त राष्ट्र (UN) सहित कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन इस कदम की आलोचना कर रहे हैं। यह नीति वैश्विक स्तर पर शरणार्थी संकट से निपटने के अमेरिका के नेतृत्व और रुख को बदल सकती है, जिससे अन्य देश भी इसी तरह के कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित हो सकते हैं तो सारी निगाहें अब राष्ट्रपति ट्रंप के संभावित कदम की ओर हैं कि वह क्या करते हैं।

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रवि वैश्य
रवि वैश्य Author

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों... और देखें

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