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क्या है भारत का 'त्रिशूल' सैन्याभ्यास, सरक्रीक में युद्धाभ्यास से पाकिस्तान में क्यों मची है खलबली?

इस युद्धाभ्यास में भारतीय सेना 20 हजार से ज्यादा सैनिकों को तैनात करने जा रही है। इसके अलावा मुख्य बैटल टैंक, ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश वायु रक्षा प्रणाली, होवित्जर, हथियारों से लैस हेलिकॉप्टर और मिसाइल सिस्टम इस युद्धाभ्यास में अपनी ताकत दिखाते नजर आएंगे। रेगिस्तान इलाके में 21 सुदर्शन चक्र पहले ही अपने त्रिनेत्र अभ्यास को अंजाम दे रहा है।

Trishul exwecise

पाकिस्तान सीमा पर भारतीय सेना का युद्धाभ्यास। तस्वीर-X/@adgpi

India Trishul Exercise : भारत, गुजरात के रण ऑफ कच्छ से लेकर राजस्थान की सीमा पर बहुत बड़ा सैन्य अभ्यास कर रहा है। इस युद्धाभ्यास में तीनों सेनाएं थल सेना, वायु सेना और नौसेना हिस्सा ले रही हैं। तीनों सेनाओं का यह युद्धाभ्यास 30 अक्टूबर से शुरू हुआ है और यह 10 नवंबर तक चलेगा। इस अभ्यास में थल सेना, वायु सेना और नौसेना के करीब 20 हजार शामिल हैं। खास बात यह है कि यह युद्धाभ्यास गुजरात के रण ऑफ कच्छ इलाके के सरक्रीक और राजस्थान में पाकिस्तान सीमा के नजदीक हो रहा है। इस युद्धाभ्यास के बारे में सुनकर पाकिस्तान के होश उड़ गए हैं। उसने अपनी वायु सीमा एक तरह से बंद कर दी है और सेना को अलर्ट करते हुए अपने कई इलाकों के लिए NOTAM यानी नोटिस टू एयरमैन जारी किया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला मौका है जब भारत किसी सामरिक चुनौती से निपटने के लिए युद्ध के सभी संभावित क्षेत्रों में अपने युद्धकौशल का परीक्षण कर रहा है।

युद्धाभ्यास त्रिशूल आखिर है क्या?

तीनों सेनाओं का यह युद्धाभ्यास त्रिशूल आखिर है क्या? तो इस युद्धाभ्यास के लिए भारत ने राजस्थान और गुजरात के ज्यादातर हिस्से में नोटाम जारी किया है। डिफेंस एक्सपर्ट डेमिएन सिमोन ने सैटेलाइट तस्वीरें जारी कर बताया है कि त्रिशूल सैन्य अभ्यास के लिए एयरस्पेस बंद कर दिया गया है। यह नोटाम 28 हजार फीट की ऊंचाई तक लागू रहेगा। एक्सपर्ट का कहना है कि युद्धाभ्यास के लिए भारत ने जिस इलाके को चुना है और जिस स्तर पर तैयारी की है वह असामान्य है।

पाक सीमा पर दुर्गम इलाके में युद्धाभ्यास

गुजरात के सरक्रीक इलाके और राजस्थान के मरुस्थलीय इलाके को अगर देखें तो यह सामान्य इलाका नहीं बल्कि बहुत ही दुर्गम क्षेत्र है। सरक्रीक में दलदलीय तो राजस्थान में रेतीली जमीन है। भौगोलिक बनावट के इस असमान्य हालात में तीनों सेनाएं एक साथ अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगी। शौर्य का प्रदर्शन ही नहीं बल्कि कहिए कि आधुनिक एवं उन्नत तकनीक वाले हथियारों का रीयल टाइम में परीक्षण होगा, अलग-अलग भौगोलिक बनावट वाले स्थानों में एक साथ अभियान चलाकर तीनों सेनाओं की ताकत, तालमेल और समन्वय को जांचा और परखा जाएगा। खासतौर से जल और स्थल दोनों से जुड़े ऑपरेशन किए जाएंगे।

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पाक सीमा पर भारतीय सेना का युद्धाभ्यास। तस्वीर-PIB

युद्धाभ्यास में 20 हजार से ज्यादा सैनिक

रिपोर्टों की मानें तो इस युद्धाभ्यास में भारतीय सेना 20 हजार से ज्यादा सैनिकों को तैनात करने जा रही है। इसके अलावा मुख्य बैटल टैंक, ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश वायु रक्षा प्रणाली, होवित्जर, हथियारों से लैस हेलिकॉप्टर और मिसाइल सिस्टम इस युद्धाभ्यास में अपनी ताकत दिखाते नजर आएंगे। रेगिस्तान इलाके में 21 सुदर्शन चक्र पहले ही अपने त्रिनेत्र अभ्यास को अंजाम दे रहा है। इस दौरान भारतीय वायु सेना 'महागजराज' नाम से युद्धाभ्यास करेगी। इसमें फाइटर जेट्स राफेल और सुखोई 30 एमकेआई, स्पेशल एयरक्राफ्ट, हेलिकॉप्टर, ड्रेन और हवा में ईंधन भरने वाले आईएल-78 जैसे जहाज और एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड क्रंट्रोल एयरक्राफ्ट शामिल होंगे।

अरब सागर में फ्रिगेट और विध्वंसक तैनात

इस सैन्याभ्यास के लिए नौसेना भी तैयार हो चुकी है। इसने गुजरात तट पर अपने कुछ फ्रिगेट और विध्वंसक तैनात कर दिए है। संभव है कि अरब सागर में भारतीय युद्धपोत और पनडुब्बियां भी होंगी। रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि सैन्याभ्यास में नौसेना के स्वदेशी उन्नत हथियारों और तकनीक का परीक्षण किया जाएगा। अधिकारी का कहना है कि तीनों सेनाओं का संयुक्त रूप से सैन्य अभ्यास वैसे तो हर साल होता है लेकिन इस बार यह जिस इलाके और जिस आकार में होने जा रहा है, वह बहुत ही व्यापक है। इस युद्धाभ्यास में ऑफेंसिव एवं डिफेंसिव दोनों। कई संयुक्त कॉम्बैट ड्रिल्स होंगे।

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रेगिस्तानी और सरक्रीक इलाके में युद्धाभ्यास। तस्वीर-PTI

पाक ने अपनी ज्यादातर वायु क्षेत्र बंद किया

भारत के इस युद्धाभ्यास के बारे में जानकर पाकिस्तान के हांथ-पांव फूल गए हैं। उसने अपने मध्य एवं दक्षिणी एयरस्पेस के ज्यादातर हिस्से में नोटाम जारी किया है। कई रिपोर्टों में कहा गया है कि भारतीय युद्धाभ्यास के मद्देनजर पाकिस्तान एयर फोर्स और नेवी को स्टैंड बॉय मोड में रहने, अरब सागर में पाकिस्तानी नौसेना को अपनी गश्ती बढ़ाने के लिए कहा है। यही नहीं अपनी तैयारी का स्तर और सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए पाकिस्तानी नौसेना के चीफ ने हाल ही में सर क्रीक इलाके का दौरा किया है।

सरक्रीक को लेकर राजनाथ ने दी है चेतावनी

जाहिर है कि भारत के इस त्रिशूल सैन्याभ्यास से पाकिस्तान की नींद उड़ गई है। ऑपरेशन सिंदूर में बुरी तरह पिटने के बाद भारत के इस सैन्य प्रदर्शन के बारे में सोचकर उसकी हालत और खराब होती जा रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्ववेदी के हालिया बयान उसकी बेचैनी पहले ही बढ़ा चुके हैं। दोनों ने कहा है कि पाकिस्तान की गलती उसे बहुत भारी पड़ेगी। सेना प्रमुख ने चेतावनी देते हुए कहा कि पाक यदि आगे कुराफात करेगा तो उसका भूगोल और इतिहास दोनों मिट जाएगा। दरअसल, 1965 के युद्ध में पाकिस्तान ने सरक्रीक में गुस्ताखी की थी, उस समय भी उसे भारतीय सेना ने माकूल जवाब दिया। सरक्रीक से ठीक ऊपर कराची पड़ता है। उसे लगता है कि भारतीय सेना रीयल टाइम में उसके खिलाफ युद्ध की तैयारी कर रही है।

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आलोक कुमार राव
आलोक कुमार राव Author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

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