मॉब लिचिंग से लेकर आर्थिक सुरक्षा तक...नए आपराधिक कानूनों में हुए ये छह अहम फेरबदल, समझिए क्या बदला

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Dec 14, 2023, 08:48 AM IST

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मॉनसून सत्र के दौरान 11 अगस्त 2023 को सदन में कुछ विधेयक पेश किए थे। बाद में इन्हें गृह मामलों से संबंधित संसद की स्थायी समिति के पास भेज दिया गया था। नए सिरे से पेश किए गए विधेयकों में आतंकवाद की परिभाषा समेत कम से कम पांच बदलाव किए गए हैं।

नए आपराधिक कानूनों में छह बड़े और अहम फेरबदल किए गए हैं। इनमें मॉब लिंचिंग और घृणा या नफरत फैलाने वाले क्राइम के लिए आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है। यही नहीं, आर्थिक सुरक्षा को संकट में डालना भी आतंकी गतिविधियों में गिना जाएगा। आइए, जानते हैं कि कानूनों में कौन से बदलाव हुए हैं:

Law

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)

मॉब लिंचिंग और नफतरी अपराध के लिए पहले तक कम से कम सात साल की सजा का प्रावधान रहता था। अब इस अवधि को बढ़ा दिया गया है। फेरबदल के बाद इसे आजीवन कारावास कर दिया गया है।

End of Feed