लापरवाही या साजिश, क्यों जल रहे 'देवभूमि' के जंगल? समझिए पहाड़ी इलाकों में आग फैलने की पूरी कहानी

Wildfire In India: उत्तर भारत के पहाड़ों, खासकर उत्तराखंड में वनाग्नि (Wildfire) ने तांडव मचा रखा है। फरवरी से अब तक 700 से ज्यादा घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं, जिससे सैकड़ों हेक्टेयर जंगल राख हो गए हैं। भीषण गर्मी और चीड़ की सूखी पत्तियों के अलावा, प्रशासन ने कई जगहों पर जानबूझकर आग लगाए जाने की पुष्टि की है, जिसमें गिरफ्तारियां भी हुई हैं। यह आग न केवल जैव विविधता को खत्म कर रही है, बल्कि वन्यजीवों को इंसानी बस्तियों की ओर धकेल रही है। स्थिति पर काबू पाने के लिए सख्त कानून और जनभागीदारी की तत्काल आवश्यकता है।

KEY HIGHLIGHTS
उत्तराखंड के गढ़वाल में 48 और कुमाऊं में 13 जगहों पर भीषण आग।

रुद्रप्रयाग प्रशासन के अनुसार, कई जगहों पर जानबूझकर आग लगाई गई है।

जंगलों में आग लगाने वालों को 2 साल तक की जेल का सामना करना पड़ सकता है।

Wildfire In India: उत्तर भारत के पहाड़ों में इन दिनों सिर्फ गर्मी ही नहीं, बल्कि आग भी कहर बनकर फैल रही है। जंगलों में लगी भीषण आग ने हरियाली को राख में बदलना शुरू कर दिया है और दूर-दूर तक धुएं का गुबार आसमान को ढक रहा है। बढ़ते तापमान, सूखी वनस्पति और तेज हवाओं ने हालात को और खतरनाक बना दिया है, जिससे न सिर्फ पर्यावरण बल्कि वन्यजीव और स्थानीय आबादी भी गंभीर संकट में घिरती जा रही है।

Uttarakhand Wildfire

पहाड़ों में जंगल की आग क्यों बन रही है बड़ा खतरा? समझिए कारण और विज्ञान। AI IMAGE

फरवरी से लेकर अब तक सिर्फ उत्तराखंड में ही आग लगने की 700 छोटी-बड़ी घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। वहीं, पिछले छह दिनों में प्रदेश में 41.27 हेक्टेयर जंगल जल गए हैं। 19 अप्रैल से 23 अप्रैल के बीच के आंकड़ों पर गौर करें तो प्रदेश में जंगल की आग में एकाएक बढ़ोतरी देखी गई है।

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