दुनिया के सभी देशों के जहाजों को होर्मुज से गुजरने का अधिकार, क्या कहता है अंतर्राष्ट्रीय कानून?

Strait Of Hormuz: अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत होर्मुज को एक अंतरराष्ट्रीय जलडमरूमध्य माना जाता है। भले ही यह ईरान और ओमान के अधिकार क्षेत्र में आता हो, लेकिन सभी देशों के जहाजों को यहां से गुजरने का अधिकार है।

Strait Of Hormuz: इस्लामाबाद में ईरान-यूएस वार्ता पहले ही दिन नाकाम हो गई। दोनों पक्षों के लोग अपने-अपने देश चले गए और इसी के साथ एक बार फिर पश्चिम एशिया में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। ईरान-यूएस युद्ध का असर पूरे विश्व पर पड़ा है और खास तौर पर भारत सहित दक्षिण एशियाई देशों ने इसके परिणाम भुगते हैं। कई देशों गैस-तेल की किल्लत हो गई है। वजह ये है कि अधिकतर तेल-गैस की सप्लाई होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होती है। 28 फरवरी को युद्ध के बाद से ही ईरान ने इस पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया है और भारत सहित कई देशों की गैस-तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है।

अब युद्ध के केंद्र में होर्मुज

अब युद्ध के केंद्र में होर्मुज आ गया है। जहां ईरान ने कहा है कि वह होर्मुज से गुरजने वाले जहाजों से भारी-भरकम शुल्क वसूलेगा, वहीं डोनाल्ड ट्रंप की नजरें भी इस रूट पर लगी हुई है। पहले वह होर्मुज को खुलवाना चाहते थे और दुनिया के तमाम देशों से मदद मांग रहे थे, लेकिन अब वह खुद होर्मुज पर कब्जा जमाने की बात कह रहे हैं। लेकिन क्या कोई भी देश होर्मुज पर कब्जा कर सकता है, अपना अधिकार जमा सकता है, क्या कहता है अंतरराष्ट्रीय कानून?

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