ट्रंप का दुलारा, हर मोर्चे पर फेल; जनरल मुनीर की नाकामियों का पूरा कच्चा चिट्ठा!

पाकिस्तान में आसिम मुनीर (Asim Munir) के बढ़ते प्रभाव के बीच उनके कार्यकाल पर सवाल उठ रहे हैं। आंतरिक सुरक्षा, पड़ोसी देशों से रिश्ते और सैन्य रणनीतियों को लेकर आलोचना हो रही है। कुल मिलाकर, उनका प्रदर्शन विवादों और चुनौतियों से घिरा नजर आता है। खुद को पाकिस्तान का 'मसीहा' समझने वाले मुनीर का रिपोर्ट कार्ड कुछ और ही कहानी बयां कर रहा है। मुनीर को हर कदम पर नाकामी ही मिल रही है। आइए जानते हैं कि कैसे उनके फैसले पाकिस्तान को अंधेरे की ओर धकेल रहे हैं।

एक मशहूर कहावत है कि 'इस्लामाबाद का हर फैसला रावलपिंडी से होकर गुजरता है।' इसका सीधा मतलब है कि पाकिस्तानी सेना की इजाजत के बिना वहां की सरकार कोई भी अहम फैसला लेने की जुर्रत नहीं कर सकती। मौजूदा हालात को ही देख लीजिए, शायद ही कोई ऐसा मुल्क होगा जहां प्रधानमंत्री के साथ उस देश का आर्मी चीफ (फील्ड मार्शल) साये की तरह घूमता हो। शहबाज शरीफ सरकार में जनरल आसिम मुनीर (Asim Munir) को 'सुप्रीम पावर' मिल चुकी है।

Asim Munir

Asim Munir: पढ़ें कैसे आसिम मुनीर के हर फैसले पाकिस्तान को बर्बादी की ओर धकेल रहा है। AI IMAGE

आसिम मुनीर खुद में एक 'संसद' बन चुके हैं। उनकी हैसियत न केवल राष्ट्रपति से ज्यादा है, बल्कि देश का संविधान भी उनके आगे बौना नजर आता है। रही-सही कसर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी कर दी, जिन्होंने पहले मुनीर को व्हाइट हाउस में लंच कराया और फिर 'इस्लामाबाद वार्ता' के बाद उनकी तारीफ भी की।

End of Feed